अखिलेश यादव के ‘PDA’ पर मायावती का हमला, आकाश आनंद बोले- ‘पब्लिक डराओ अभियान’

यूपी 2027 चुनाव से पहले सूबे का सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव के पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) समीकरण पर हमला किया है।

Alakha Singh
Published on: 9 Aug 2026 10:28 AM IST (Updated on: 9 Aug 2026 10:30 AM IST)
अखिलेश यादव के ‘PDA’ पर मायावती का हमला, आकाश आनंद बोले- ‘पब्लिक डराओ अभियान’
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UP Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण को लेकर अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा राजनीतिक फायदे के लिए अपने PDA की परिभाषा बदल रही है और अब ‘P’ को ‘पिछड़ा’ की जगह ‘पंडित’ बताना महज चुनावी छलावा है।

मायावती का अखिलेश पर सीधा हमला

मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा राजनीतिक स्वार्थ के लिए लगातार अपना रुख बदल रही है। उनके मुताबिक, सपा पहले PDA में ‘P’ का मतलब पिछड़ा बताती थी, लेकिन अब ब्राह्मण समाज को साधने के लिए ‘P’ को ‘पंडित’ बताया जा रहा है।

मायावती ने दावा किया कि बसपा द्वारा ब्राह्मण समाज के उम्मीदवारों को मैदान में उतारने और समाज के एक वर्ग के बसपा से जुड़ने के बाद सपा की ओर से भी ब्राह्मणों को लेकर सक्रियता बढ़ी है।

बसपा प्रमुख ने इसे ‘संकीर्ण जातिवादी राजनीति’ बताते हुए सर्वसमाज के लोगों से सपा की राजनीति से सावधान रहने की अपील की।


आकाश आनंद ने भी अखिलेश पर कसा तंज

मायावती के बयान को बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने भी आगे बढ़ाया। उन्होंने मायावती की पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि वह सपा की जातिवादी राजनीति को लेकर बिल्कुल सही कह रही हैं।

आकाश आनंद ने PDA को लेकर तंज कसते हुए कहा कि सपा के PDA का असली मतलब ‘पब्लिक डराओ अभियान’ है।

आकाश का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी में जातीय समीकरणों को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

ब्राह्मण वोट पर सपा की नजर?

मायावती और आकाश आनंद के हमले की एक बड़ी वजह सपा के हालिया कार्यक्रमों में ब्राह्मण समाज को लेकर बढ़ती सक्रियता को माना जा रहा है। जनेश्वर मिश्र की जयंती के मौके पर सपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम के बाद पार्टी की ‘ब्राह्मण राजनीति’ को लेकर चर्चा तेज हुई।

सपा के इस कदम को उसके पुराने PDA फॉर्मूले में संभावित विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सपा की रणनीति का अंतिम स्वरूप 2027 के चुनावी मैदान में ही पूरी तरह साफ होगा।

बृजेश पाठक भी साध चुके हैं निशाना

इस सियासी बहस के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता बृजेश पाठक भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हमला कर चुके हैं। भाजपा लगातार सपा की जातीय राजनीति पर सवाल उठाती रही है।

अब मायावती के हमले के बाद विपक्षी खेमे में सपा के PDA और ब्राह्मण वोट को लेकर नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

2027 में किसका चलेगा जातीय समीकरण?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। सपा जहां PDA के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करती रही है, वहीं भाजपा अपने सामाजिक गठजोड़ को मजबूत करने में जुटी है। दूसरी ओर मायावती की BSP भी दलित आधार के साथ सर्वसमाज की रणनीति पर जोर दे रही है।

ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘PDA बनाम ब्राह्मण कार्ड’ की यह नई सियासी लड़ाई यूपी की चुनावी राजनीति को और दिलचस्प बना सकती है।

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alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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