यूपी चुनाव 2027: सपा-कांग्रेस में सीट बंटवारे पर बढ़ी हलचल, आराधना मिश्रा 'मोना' ने दिया बड़ा अपडेट

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा तेज है। आराधना मिश्रा 'मोना' ने बताया कि कांग्रेस हर सीट पर अपनी ताकत का आकलन कर रही है और अंतिम फैसला नेतृत्व करेगा।

Alakha Singh
Published on: 21 Oct 2026 1:13 PM IST (Updated on: 21 Oct 2026 1:16 PM IST)
UP Congress President Aradhana Mishra
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UP Congress President Aradhana Mishra (PC: Screen Shot X post)

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चाओं के बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने साफ किया है कि फिलहाल पार्टी हर विधानसभा सीट पर अपनी ताकत का आकलन कर रही है। कांग्रेस ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।

मोना के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस फिलहाल सीटों की संख्या पर कोई सार्वजनिक प्रतिबद्धता जताने के बजाय संगठन को मजबूत करने और विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति का आकलन करने पर जोर दे रही है। ऐसे में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की चर्चा को अंतिम समझौता मानना जल्दबाजी होगी। गठबंधन की रूपरेखा तय होने से पहले दोनों दलों के लिए अपनी चुनावी क्षमता, स्थानीय संगठन और संभावित दावेदारों की स्थिति का आकलन अहम होगा।

हर सीट पर कांग्रेस का आकलन, फिर तय होगा सीटों का आंकड़ा

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि पार्टी अभी अपनी ताकत का आकलन कर रही है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और प्रत्येक विधानसभा सीट की स्थिति की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह काम अभी जारी है और इसके बाद ही चुनाव में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों तथा सीटों की संख्या पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस की रणनीति अभी समीक्षा और तैयारी के चरण में है। पार्टी पहले यह समझना चाहती है कि किन विधानसभा क्षेत्रों में उसका संगठन कितना सक्रिय है और कहां चुनावी तैयारी को और मजबूत करने की जरूरत है।


इस प्रक्रिया का असर सपा के साथ संभावित सीट बंटवारे पर भी पड़ सकता है। यदि कांग्रेस अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करती है, तो उसे अपने संगठनात्मक आधार और स्थानीय चुनावी परिस्थितियों के आधार पर बातचीत करनी होगी। वहीं, सपा के साथ तालमेल का अंतिम स्वरूप दोनों दलों के नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।

125 सीटों पर दावा, 60 तक सपा तैयार:

हाल ही में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में कांग्रेस की ओर से करीब 125 से 140 सीटों पर दावेदारी और सपा की ओर से 60–65 सीटों तक सीमित रहने की चर्चा की गई है। ये मीडिया रिपोर्ट में बताए गए बातचीत के संभावित आंकड़े हैं, किसी आधिकारिक समझौते की पुष्टि नहीं।

प्रियंका गांधी की भूमिका पर भी मोना का बयान

आराधना मिश्रा 'मोना' ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस संगठन में प्रियंका गांधी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी यूपी कांग्रेस इकाई का अहम हिस्सा हैं। संगठन के साथ लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की संगठनात्मक जरूरतों का अनुभव है।

मोना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में संगठन से जुड़ी चर्चा हो या संभावित गठबंधन पर विचार-विमर्श, प्रियंका गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण है और आगे भी बनी रहेगी।

इस बयान को कांग्रेस की उत्तर प्रदेश रणनीति में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका के संदर्भ में देखा जा सकता है। सीटों के बंटवारे जैसे संवेदनशील विषय पर प्रदेश इकाई संगठनात्मक आकलन कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय नेतृत्व के स्तर पर होने की बात मोना ने स्पष्ट कर दी है।

सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारा क्यों है अहम?

उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच चुनावी तालमेल का सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों दलों को सीटों के बंटवारे के साथ-साथ अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय भी स्थापित करना होगा। गठबंधन की बातचीत में केवल सीटों की कुल संख्या ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में उम्मीदवारों की स्थिति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और दोनों दलों के संगठन की सक्रियता भी अहम कारक हो सकते हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। चुनाव आयोग के नतीजों के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं। यह प्रदर्शन दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल के पिछले अनुभव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के समीकरण अलग-अलग हो सकते हैं।

विधानसभा चुनाव में सीटों का सवाल अधिक जटिल हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय नेतृत्व, उम्मीदवार की स्वीकार्यता और संगठन की जमीनी मौजूदगी की भूमिका होती है। इसलिए लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर विधानसभा सीटों का बंटवारा तय मानना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस के सामने सीटों की दावेदारी, सपा के सामने तालमेल की चुनौती

कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करना और विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति का आकलन करना सीट बंटवारे की बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पार्टी को यह तय करना होगा कि किन क्षेत्रों में वह अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर सकती है और कहां गठबंधन के तहत सहयोगी दल के साथ तालमेल की जरूरत होगी।

दूसरी ओर, सपा के साथ सीटों के बंटवारे में कांग्रेस की दावेदारी और स्थानीय परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाना बातचीत का अहम पहलू हो सकता है। हालांकि, अभी दोनों दलों के बीच सीटों के अंतिम बंटवारे या किसी निश्चित संख्या पर सहमति की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल सबसे अहम संकेत यही है कि कांग्रेस ने सीटों की संख्या घोषित करने के बजाय पहले संगठनात्मक समीक्षा को प्राथमिकता दी है। आराधना मिश्रा 'मोना' के बयान से स्पष्ट है कि 2027 के चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन सपा के साथ सीट बंटवारे की तस्वीर नेतृत्व के अंतिम फैसले और गठबंधन संबंधी बातचीत के बाद ही साफ होगी।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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