UP BJP Survey: यूपी में विधायकों का सीक्रेट सर्वे; 2027 में कटेंगे कई टिकट, बढ़ी बड़ी टेंशन

UP BJP Survey: बीजेपी साल 2022 में जीतने वाले विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करवा रही है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 21 May 2026 1:46 PM IST
UP BJP Survey
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UP BJP Survey: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल 2027 में होने है। चुनाव में अभी एक साल का समय बाकी है, लेकिन सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने यूपी चुनाव में पार्टी को बढ़त दिलाने के लिए रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। बीजेपी साल 2022 में जीतने वाले विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करवा रही है। ‘रिपोर्ट कार्ड’ के जरिए भाजपा यह जानना चाहती है कि उसके विधायक अपने क्षेत्रों में सक्रिय है या फिर नहीं। जनता के बीच विधायक की छवि कैसी और जमीनी पकड़ कितनी है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी हाईकमान यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार प्रत्याशियों के चयन में कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि जिन विधायकों की क्षेत्र में पकड़ अच्छी नहीं है या फिर जनता के बीच उन्हें लेकर नाराजगी है। ऐसे विधायकों के टिकट पर संकट मंडरा सकता है। पार्टी उनकी जगह मजबूत चेहरे की तलाश करेगी। बीजेपी ऐसे उम्मीदवारों पर फोकस कर रही है जो न केवल संगठन में सक्रिय हों, बल्कि अपने क्षेत्र में भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों।

दो एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार बीजेपी ने विधायकों के रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के लिए सर्वे की जिम्मेदारी दो बाहरी एजेंसियों को सौंपी है। बताया जा रहा है कि एजेंसियों की टीमें बीते कई दिनों से राज्य के अलग-अलग जनपदों में जनता के बीच पहुंच रही है तो सीधा संवाद किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में विधायक के व्यवहार, उपलब्धता और क्षेत्रीय सक्रियता को लेकर जनता से राय ली जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सर्वे में सिर्फ मौजूदा विधायकों का प्रदर्शन ही नहीं देखा जा रहा, बल्कि संभावित नए दावेदारों की लोकप्रियता, जातीय समीकरण और सामाजिक प्रभाव का भी आकलन किया जा रहा है। भाजपा यह सुनिश्चित करना चाहती है कि 2027 के चुनाव में हर सीट पर ऐसा उम्मीदवार उतारा जाए, जो पार्टी को जीत दिलाने में सक्षम हो।

मंडलवार कराया जा रहा बीजेपी का सर्वे

बीजेपी का यह सर्वे मंडलवार तरीके से कराया जा रहा है। अधिकांश मंडलों में पार्टी अपनी स्थिति को लेकर संतुष्ट बताई जा रही है, लेकिन मुरादाबाद मंडल भाजपा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस मंडल की 27 में से 14 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि 2022 में यह संख्या घटकर सिर्फ 10 रह गई। इसी गिरावट को देखते हुए पार्टी इस क्षेत्र में ज्यादा सतर्कता बरत रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा संगठन अपने स्तर पर भी संभावित उम्मीदवारों की अलग सूची तैयार कर रहा है। जिला और क्षेत्रीय इकाइयों से फीडबैक लिया जा रहा है।

इसके अलावा स्थानीय सांसदों और आरएसएस की राय को भी अहम माना जाएगा। पार्टी नेतृत्व बाहरी एजेंसियों की रिपोर्ट और संगठन से मिली जानकारी का मिलान करके अंतिम निर्णय लेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार चुनाव में उम्मीदवारों के चयन को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है। पार्टी समझ चुकी है कि केवल संगठन या लहर के भरोसे चुनाव नहीं जीते जा सकते, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत और जनता से जुड़े उम्मीदवार ही जीत की कुंजी बनेंगे। ऐसे में आने वाले महीनों में भाजपा के अंदर टिकट कटने और नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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