UP News: गो संरक्षण से स्वास्थ्य और रोजगार को नई रफ्तार, यूपी में शुरू होगी पंचगव्य थेरेपी

UP News: योगी सरकार उत्तर प्रदेश में गांव-गांव गोपैथी सेंटर खोलने की तैयारी कर रही है। पंचगव्य आधारित चिकित्सा, आयुष अनुसंधान, ग्रामीण रोजगार और गो संरक्षण को जोड़कर यूपी में नया विकास मॉडल तैयार किया जाएगा।

Newstrack Network
Published on: 21 May 2026 5:27 PM IST
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UP News (Image Credit-Social Media)

लखनऊ, 21 मई : उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक कृषि, रोजगार और पंचगव्य आधारित चिकित्सा एवं अनुसंधान से जोड़कर एक बड़े परिवर्तनकारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गांव-गांव “गोपैथी सेंटर” स्थापित करने की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके जरिए पंचगव्य आधारित चिकित्सा पद्धति को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आर्थिक समृद्धि का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गो सेवा को आर्थिक विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ना है, ताकि गोशालाएं केवल संरक्षण केंद्र न रहकर जैविक कृषि, पंचगव्य उत्पाद निर्माण और ग्रामीण उद्योगों की नई ताकत बन सकें।

मधुमेह, माइग्रेन, लकवा और हृदय रोगों के इलाज में सहायक भूमिका निभा सकती है पंचगव्य चिकित्सा

प्रदेश में विकसित किए जा रहे पंचगव्य आधारित चिकित्सा मॉडल को आयुष एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार पंचगव्य आधारित उत्पाद मधुमेह, माइग्रेन, लकवा, हृदय रोग, त्वचा संबंधी समस्याओं, पाचन संबंधी विकारों तथा श्वसन संबंधी समस्याओं में मुख्यधारा चिकित्सा के साथ सहायक एवं पूरक भूमिका निभाने की संभावनाओं के लिए अध्ययन का विषय हैं।

पंचगव्य थेरेपी, जिसे “गोपैथी” भी कहा जाता है, आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर आधारित अवधारणा है। इसमें गाय से प्राप्त पांच प्रमुख तत्व दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का उपयोग विभिन्न औषधीय मिश्रणों, अर्क एवं अन्य उत्पादों के रूप में किया जाता है।

गांव स्तर पर तैयार होगा आय का मजबूत मॉडल

योगी सरकार की योजना के तहत गोशालाओं को आधुनिक तकनीक से विकसित कर ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। गांव स्तर पर पंचगव्य आधारित मंजन, मरहम और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, विपणन और रोजगार का एक नया आर्थिक चक्र विकसित होगा। इससे न केवल गोशालाओं की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि गांवों में बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। गो आधारित उत्पादों की उपलब्धता और विपणन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

आयुष और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ी जा रही पंचगव्य चिकित्सा

प्रदेश में पंचगव्य आधारित उत्पादों को आयुष प्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में कार्य जारी है। पंचगव्य आधारित उत्पादों के संबंध में रोग प्रतिरोधक क्षमता, त्वचा की देखभाल, पाचन सहायता तथा स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न संभावित उपयोगों पर भी अध्ययन किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में व्यापक वैज्ञानिक एवं क्लीनिकल अनुसंधान की दिशा में प्रयास किए जा हैं।

देश का सबसे बड़ा गोपैथी केंद्र बनेगा यूपी

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि यह मॉडल बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश देश में गोपैथी सेंटर का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण को ग्रामीण विकास, वैज्ञानिक कृषि और रोजगार से जोड़कर ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।

Shweta Srivastava

Shweta Srivastava

Content Writer

मैं श्वेता श्रीवास्तव 15 साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव रखतीं हूँ। मैंने अपने करियर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर की थी। पिछले 9 सालों से डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्यरत हूँ। इस दौरान मैंने मनोरंजन, टूरिज्म और लाइफस्टाइल डेस्क के लिए काम किया है। इसके पहले मैंने aajkikhabar.com और thenewbond.com के लिए भी काम किया है। साथ ही दूरदर्शन लखनऊ में बतौर एंकर भी काम किया है। मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। न्यूज़ट्रैक में मैं लाइफस्टाइल और टूरिज्म सेक्शेन देख रहीं हूँ।

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