हिंसा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी! योगी सरकार ने सख्त किए चरित्र सत्यापन के नियम, जानें नए प्रावधान

UP Government Jobs 2026: नई व्यवस्था के तहत हत्या, डकैती, बलात्कार, महिला की गरिमा भंग करने, भ्रष्टाचार, आतंकवादी गतिविधियों, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन में सख्त रुख अपनाया जाएगा।

Priya Singh Bisen
Published on: 29 Oct 2026 11:30 AM IST
हिंसा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी! योगी सरकार ने सख्त किए चरित्र सत्यापन के नियम, जानें नए प्रावधान
X

UP Government Jobs 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। योगी सरकार ने सरकारी सेवाओं में भर्ती से पहले होने वाले चरित्र सत्यापन (Character Verification) के नियमों को और स्पष्ट व सख्त करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत हिंसा में शामिल होने और गंभीर अपराधों में लिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जा सकता है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल राजनीतिक विचारधारा रखने या किसी मामले में प्राथमिकी यानी एफआईआर (FIR) दर्ज होने भर से किसी अभ्यर्थी को नौकरी से वंचित नहीं किया जाएगा।

गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों पर सख्ती

नई व्यवस्था के तहत हत्या, डकैती, बलात्कार, महिला की गरिमा भंग करने, भ्रष्टाचार, आतंकवादी गतिविधियों, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन में सख्त रुख अपनाया जाएगा।

इसके अलावा, ऐसे संगठनों से जुड़ाव के मामलों में भी कार्रवाई हो सकती है, जिनका उद्देश्य हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलना है। सरकार का जोर इस बात पर है कि सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों के आचरण और निर्धारित मानकों के अनुरूप उनकी पात्रता का आकलन किया जाए।

पिछले 3 वर्षों की गतिविधियां भी होंगी अहम

रिपोर्ट के मुताबिक, चरित्र सत्यापन के लिए गतिविधियों की समय-सीमा से संबंधित प्रावधान भी स्पष्ट किए गए हैं। बताया गया है कि 21 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद जांच की तारीख से पिछले तीन वर्षों के भीतर हिंसक तरीके से व्यवस्था परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी को व्यक्ति की सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।

हालांकि, किसी अभ्यर्थी के मामले में अंतिम निर्णय निर्धारित नियमों और सत्यापन में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा। केवल किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थक होना अपने आप में नौकरी के लिए अयोग्यता का आधार नहीं होगा।

सिर्फ FIR दर्ज होने से नहीं रुकेगी सरकारी नौकरी

सरकार की ओर से नियमों में एक महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट किया गया है। केवल प्राथमिकी दर्ज होने या किसी मामले की जांच लंबित होने से अभ्यर्थी को स्वतः सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा। इसके बजाय चरित्र सत्यापन के दौरान मामले की प्रकृति, संबंधित गतिविधियों और लागू नियमों को ध्यान में रखा जाएगा।

इस प्रावधान का उद्देश्य राजनीतिक विचारों और वास्तविक हिंसक गतिविधियों के बीच अंतर बनाए रखना है। सामान्य और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन करने वालों को इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं रखा गया है।

सभी विभागों और भर्ती बोर्डों पर लागू होंगे नियम

जानकारी के अनुसार, नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से जारी निर्देशों में पुलिस को 30 दिनों के भीतर सत्यापन रिपोर्ट देने की बात कही गई है। पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का नए सिरे से सत्यापन नहीं किया जाएगा, हालांकि उनके पिछले विभाग से संबंधित जानकारी ली जा सकती है।

ये प्रावधान उत्तर प्रदेश सरकार के विभागों, आयोगों और भर्ती बोर्डों पर लागू होंगे। ऐसे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे भर्ती से जुड़े नियमों और चरित्र सत्यापन की शर्तों को ध्यान से समझें।

Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.comPriyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

Next Story