UP Panchayat Chunav: 26 मई को खत्म हो रहा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल, अब आगे क्या होगा?

UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में 26 मई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जानें क्या प्रधानों को ही प्रशासक बनाया जाएगा या एडीओ पंचायत संभालेंगे कमान? साथ ही पढ़ें कैसे राज्य निर्वाचन आयोग मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी मतदान पर रोक लगाएगा।

Shivam
Published on: 15 May 2026 4:30 PM IST
UP Panchayat Elections
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उत्तर प्रदेश की स्थानीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ आने वाला है क्योंकि प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 6 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य सरकार अब पंचायतों का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की तैयारी में जुट गई है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में शासन को अपना औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 57,694 ग्राम पंचायतें हैं, जिनके भविष्य पर अगले कुछ दिनों में फैसला होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों के साथ-साथ क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। विभिन्न अपरिहार्य कारणों से चुनाव समय पर संपन्न नहीं हो सके हैं, जिसके चलते यह प्रशासनिक कदम उठाया जा रहा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायती राज विभाग ने सरकार के समक्ष दो मुख्य विकल्प प्रस्तुत किए हैं। पहले विकल्प के तहत मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि दूसरे विकल्प में एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने का सुझाव दिया गया है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि सरकार वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बना सकती है। इस महत्वपूर्ण विषय पर अंतिम निर्णय 24 से 25 मई के बीच आने की उम्मीद है। यह भी स्पष्ट होता दिख रहा है कि अब पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद ही आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासनिक बदलावों के साथ-साथ राज्य निर्वाचन आयोग आगामी चुनावों को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। इस बार आयोग की नजर हर एक पोलिंग बूथ पर होगी। फर्जी मतदान की शिकायतों को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष मोबाइल ऐप और एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से रियल-टाइम डेटा अपडेट किया जाएगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस केंद्र पर कितने पुरुषों और महिलाओं ने मतदान किया है और पहला वोट किस समय डाला गया। मतदान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए प्रत्येक मतदान कर्मी के मोबाइल में एक विशेष पंचायत चुनाव ऐप इंस्टॉल रहेगा, जिसमें संबंधित बूथ की पूरी वोटर लिस्ट उपलब्ध होगी। जैसे ही कोई मतदाता केंद्र पर पहुंचेगा, उसके वोटर नंबर के अंतिम चार अंक दर्ज करते ही उसकी फोटो और विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। पहचान सत्यापित होने के बाद ही वोटिंग डेटा अपडेट होगा। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे बूथ पर दोबारा मतदान करने की कोशिश करेगा, तो तकनीक तुरंत अलर्ट जारी कर देगी, जिससे चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सकेगी।

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Shivam is a multimedia journalist.

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