TRENDING TAGS :
सपा सरकार में हुआ था निलंबन, अब योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी…फिर सुर्खियों में दुर्गा शक्ति नागपाल
IAS Durga Shakti Nagpal: 2013 में अवैध खनन पर सख्ती के बाद निलंबित हुईं IAS दुर्गा शक्ति नागपाल को अब योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी मिली है। जानिए पूरा विवाद और उनकी वापसी की कहानी।
IAS Durga Shakti Nagpal: उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला, जब एक साथ 40 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए गए। इस फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारी भी बदल दिए गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है दुर्गा शक्ति नागपाल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए देवीपाटन मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया है। दरअसल दुर्गा शक्ति नागपाल वो नाम है जो साल 2013 में अचानक पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गया था। उस वक्त वह नोएडा में एसडीएम थीं और अवैध खनन के खिलाफ जिस सख्ती से उन्होंने कार्रवाई की, उसने रेत माफिया की नींद उड़ा दी। जिसके बाद अब उन्हे नई जिम्मेदारी दी गई है।
2013 में बनी थीं चर्चा का केंद्र
दरअसल दुर्गा शक्ति नागपाल पहली बार साल 2013 में सुर्खियों में आई थीं। उस समय वह नोएडा में तैनात थीं और उन्होंने बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। इसके बाद एक मस्जिद की दीवार गिराने के मामले में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इस फैसले के बाद यूपी की सियासत में काफी हलचल मच गई थी।
वहीं दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन का आईएएस संघ ने भी विरोध किया था। विपक्षी दलों ने उस समय की अखिलेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह कार्रवाई खनन माफिया के दबाव में की गई है। इस मुद्दे ने उस वक्त राजनीतिक माहौल को काफी गरमा दिया था।
वहीं 22 सितंबर 2013 को उनका सस्पेंशन रद्द कर दिया गया। इसके बाद अक्टूबर में उन्हें कानपुर देहात में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया गया। हालांकि मस्जिद की निर्माणाधीन दीवार गिराने के आरोप में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई थी।
पहले प्रयास में बनी थीं IAS
दरअसल दुर्गा शक्ति नागपाल 2010 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह आगरा की रहने वाली हैं और उन्होंने दिल्ली के इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वूमेन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। पहले प्रयास में वह आईआरएस बनी थीं, लेकिन इसके बाद दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और 20वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं।
मोहाली में भी दिखाया था दम
आईएएस बनने के बाद दुर्गा शक्ति नागपाल की पहली पोस्टिंग पंजाब के मोहाली में हुई थी। वहां उन्होंने भूमि घोटाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मजबूत छवि बनाई थी।
साथ ही ये सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। वह अक्सर अपने पति और बच्चों के साथ तस्वीरें साझा करती रहती हैं, जिससे उनकी निजी जिंदगी की झलक भी लोगों को देखने को मिलती है।
परिवार से कई अधिकारी
दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म 25 जून 19985 को छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था। उनके पिता सुभाष नागपाल भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारी रहे हैं, जबकि उनके दादा घनश्याम नागपाल पुलिस अधिकारी थे। ऐसे में प्रशासनिक सेवा का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला।
पति अभिषेक सिंह ने छोड़ी IAS की नौकरी
गौरतलब हो कि, दुर्गा शक्ति नागपाल के पति अभिषेक सिंह भी 2011 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उनका मूल कैडर पंजाब था, लेकिन शादी के बाद दुर्गा ने अपना तबादला उत्तर प्रदेश में करा लिया। बाद में अभिषेक सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब वह फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय करते हैं।


