Yogi Government: एआई, बायोमैट्रिक और हाईटेक निगरानी ने नकल माफियाओं की तोड़ी कमर, 44 जिलों में सकुशल हुई परीक्षा

Yogi Government: उत्तर प्रदेश लेखपाल मुख्य परीक्षा 2025 में पेपर लीक की अफवाह प्रशासन और आयोग की सतर्कता के चलते पूरी तरह फेल हो गई। योगी सरकार की हाईटेक निगरानी के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

Newstrack Network
Published on: 24 May 2026 5:51 PM IST (Updated on: 24 May 2026 5:52 PM IST)
Yogi Government
X

Yogi Government

Yogi Government: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को लेकर वर्षों तक सक्रिय रहे पेपर लीक और नकल माफियाओं के नेटवर्क पर योगी सरकार की सख्ती लगातार भारी पड़ रही है। इसका बड़ा उदाहरण विगत दिनों आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 में देखने को मिला, जहां सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश हुई, लेकिन प्रशासन और आयोग की सतर्कता के आगे यह साजिश पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित यह परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। कुल 3,66,712 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,01,756 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। उपस्थिति प्रतिशत 82.29 रहा, जो अभ्यर्थियों के भरोसे को भी दर्शाता है।

पेपर लीक का शोर, लेकिन हकीकत में निकली अफवाह

परीक्षा शुरू होते ही लखनऊ के ऐशबाग स्थित गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इंटर कॉलेज को लेकर कुछ लोगों ने पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आयोग और निगरानी टीमों ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में साफ हुआ कि प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट पूरी तरह सीलबंद और सुरक्षित थीं।

दरअसल, एक कक्ष के कुछ अभ्यर्थी भ्रम की स्थिति में बाहर आ गए थे, जिसे कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक का रंग देने की कोशिश की। अधिकारियों ने मौके पर स्थिति स्पष्ट की, जिसके बाद अभ्यर्थी वापस परीक्षा कक्ष में पहुंचे और परीक्षा शांतिपूर्वक जारी रही।

योगी सरकार का हाईटेक एग्जाम मॉडल बना ढाल

इस बार परीक्षा की निगरानी पूरी तरह तकनीक आधारित रही। आयोग मुख्यालय से लेकर सभी परीक्षा केंद्रों तक कंट्रोल कमांड रूम के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की गई। पूरे प्रदेश में 18,883 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा 7,683 बायोमैट्रिक ऑपरेटर और 6,297 फ्रिस्किंग गार्ड तैनात किए गए थे। एआई आधारित पहचान प्रणाली के जरिए प्रतिरूपण और फर्जीवाड़े पर नजर रखी गई। यही कारण रहा कि बुलंदशहर में एक संदिग्ध अभ्यर्थी तुरंत पकड़ लिया गया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

नकल माफिया पर लगातार कड़ा प्रहार

उत्तर प्रदेश में एक समय भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के कारण सवालों में रहती थीं, लेकिन योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदलने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं। हाईटेक निगरानी, बायोमैट्रिक सत्यापन, एआई ट्रैकिंग और प्रशासनिक जवाबदेही ने नकल माफियाओं की कमर तोड़ दी है। लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 का शांतिपूर्ण आयोजन इस बात का संकेत है कि अब प्रदेश में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता और सख्ती के नए मॉडल पर आगे बढ़ रही हैं।

Vineeta Pandey

Vineeta Pandey

News Publisher Mail ID - pandeyvineeta2010@gmail.com

Vineeta Pandey is an News Publisher at Newstrack.com.

Next Story