यूपी में सत्ता के सेमीफाइनल की बड़ी परीक्षा आज! 11 MLC सीटों पर BJP-SP की प्रतिष्ठा का दाव

UP MLC Election 2026: यूपी में 11 एमएलसी सीटों पर मतदान जारी है। 14.18 लाख मतदाता 152 प्रत्याशियों की किस्मत तय करेंगे। बीजेपी और सपा के बीच इस मुकाबले को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 23 Oct 2026 9:01 AM IST
UP MLC Election 2026
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UP MLC Election 2026

UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से ठीक पहले हो रहे विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव (MLC Election) अब बेहद अहम हो गए हैं। इसे सत्ता का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है। कहने को यह चुनाव सिर्फ 11 सीटों के लिए हो रहा है, लेकिन इसकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से इसकी कमान संभाल रहे हैं और कई जनसभाएं कर चुके हैं।

बीजेपी और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के बीच मुकाबला इतना जोरदार हो गया है कि दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दर्जनों मंत्री, कई सांसद और 100 से ज्यादा विधायक कई दिनों से चुनाव प्रचार और रणनीति में जुटे हुए हैं। इस बीच नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तो अधिकारियों को जेल जाने की तैयारी रखने तक की चेतावनी दे दी है।

11 सीटों पर 152 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

इस चुनाव में कुल 11 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Graduate Constituency) की पांच सीटें और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Teacher Constituency) की छह सीटें शामिल हैं। कुल 14.18 लाख मतदाता 152 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 72 जिलों में आज मतदान हो रहा है। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में पहले ही चुनाव हो चुका है। मतदान को देखते हुए सभी 72 जिलों में 12वीं तक के स्कूल भी बंद रखे गए हैं।

सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग

एमएलसी चुनाव (MLC Voting) के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने 11 प्रेक्षकों की तैनाती की है।

मतदान की निगरानी के लिए 1041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर (Micro Observer) की तैनाती रहेगी और मतदान की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

पूरे प्रदेश में कुल 2697 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 12309 मतदान कार्मिकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा चुनावी ड्यूटी के लिए 1108 भारी वाहन और 1737 हल्के वाहन लगाए गए हैं।

इन सीटों पर हो रहा मतदान

पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वहीं छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

मतदाताओं को मतदान के लिए फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) साथ रखना होगा। अगर किसी मतदाता के पास फोटोयुक्त पहचान पत्र नहीं है तो वह आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड या विश्वविद्यालय की ओर से जारी डिग्री-डिप्लोमा के मूल प्रमाण पत्र समेत निर्धारित दस्तावेजों के जरिए अपनी पहचान साबित कर सकता है।

नाम में गलती है तो भी नहीं रुकेगा वोट

मतदाता सूची (Voter List) में नाम दर्ज होने के बावजूद अगर किसी तरह की लिपिकीय त्रुटि है तो इसके कारण किसी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद पीठासीन अधिकारी मतदान की अनुमति देंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी चुनाव वाले जिलों में कंट्रोल रूम बनाने को कहा गया है, ताकि अगर किसी मतदाता को मतदान से रोका जाता है तो वह शिकायत कर सके।

निर्देश साफ हैं कि केवल नाम में हुई लिपिकीय गलती के आधार पर किसी पात्र मतदाता को वोट डालने से नहीं रोका जाएगा। अगर ऐसी शिकायत सामने आती है तो संबंधित जिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई भी हो सकती है।

स्कूल और शराब की दुकानें बंद

एमएलसी चुनाव (MLC Election) को देखते हुए मतदान वाले सभी जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद हैं। इसके साथ ही शराब की दुकानों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

27 अक्टूबर को मतगणना (Vote Counting) के दिन भी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला निर्वाचन अधिकारियों ने स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। वहीं शराब की बिक्री रोकने के लिए आबकारी आयुक्त की ओर से आदेश जारी किया गया है।

आदेश के मुताबिक कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर बाकी सभी संबंधित जिलों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान तथा मतगणना सुनिश्चित करने के लिए देशी और विदेशी शराब की बिक्री नहीं होगी।

27 अक्टूबर को आएगा फैसला

अब सबकी नजर 27 अक्टूबर पर है। इसी दिन वोटों की गिनती होगी और चुनाव परिणाम (Election Result) भी घोषित किए जाएंगे। 11 सीटों पर होने वाला यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके नतीजे विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासी हवा का एक संकेत दे सकते हैं।

बीजेपी और सपा दोनों ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता से लेकर अखिलेश यादव के हमलों तक, मुकाबले का सियासी तापमान लगातार बढ़ा हुआ है। अब 14.18 लाख मतदाताओं के वोट तय करेंगे कि विधान परिषद की इन 11 सीटों पर किसका पलड़ा भारी रहता है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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