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MLC Election: कांति सिंह के परिवार की संपत्ति 55 करोड़ पार, जानिए BJP-SP उम्मीदवारों की पूरी संपत्ति
UP MLC Election 2026 में प्रत्याशियों की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा। कांति सिंह और पति शिवपाल सिंह की घोषित संपत्ति 55.08 करोड़ रुपये, जानिए अन्य उम्मीदवारों की संपत्ति।
MLC Election Candidates Net Worth: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में राजनीतिक दावेदारी के साथ प्रत्याशियों की आर्थिक हैसियत भी चर्चा में आ गई है। लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवारों ने नामांकन के साथ दाखिल शपथपत्रों में अपनी चल-अचल संपत्ति, आय, जमीन, सोना-चांदी, वाहन और लाइसेंसी हथियारों का ब्यौरा दिया है। उपलब्ध शपथपत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की स्नातक प्रत्याशी कांति सिंह और उनके पति शिवपाल सिंह की कुल घोषित चल-अचल संपत्ति 55 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं भाजपा के स्नातक प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह और उनकी पत्नी के नाम करीब 8.81 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है।
कांति सिंह और पति की संपत्ति 55 करोड़ से ज्यादा
लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह इस सूची में सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले प्रमुख प्रत्याशियों में हैं। शपथपत्र के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कांति सिंह की आय 2.67 करोड़ रुपये रही, जबकि उनके पति शिवपाल सिंह की इसी अवधि में घोषित आय 1.14 करोड़ रुपये है। दोनों की संयुक्त वार्षिक आय करीब 3.81 करोड़ रुपये बैठती है।
कांति सिंह के नाम 10.12 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 6.45 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित है। यानी उनके व्यक्तिगत नाम पर कुल करीब 16.57 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
वहीं उनके पति शिवपाल सिंह के नाम 10.50 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 28.01 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। इस तरह पति-पत्नी की कुल घोषित चल-अचल संपत्ति करीब 55.08 करोड़ रुपये पहुंचती है।
कांति सिंह के शपथपत्र में सोने-चांदी और दूसरे मूल्यवान सामान का विवरण भी शामिल है। उनके पास 690 ग्राम सोना और 920 ग्राम चांदी घोषित है, जबकि पति शिवपाल सिंह के पास 215 ग्राम सोना दर्ज है। शिवपाल सिंह के नाम राइफल, गन और माउजर जैसे हथियारों का भी उल्लेख है। चुनावी शपथपत्रों में हथियारों की जानकारी देना निर्धारित संपत्ति एवं अन्य विवरणों की घोषणा का हिस्सा है। इसलिए केवल किसी उम्मीदवार या उसके परिवार के नाम हथियार दर्ज होने से किसी अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह जानकारी उम्मीदवार की घोषित संपत्तियों और अन्य विवरणों के रूप में दर्ज होती है।
अवनीश कुमार सिंह BJP
इसी निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह ने अपने नाम लगभग 7.83 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति घोषित की है। पत्नी रीतु सिंह की संपत्ति मिलाने पर परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 8.81 करोड़ रुपये हो जाती है। हालांकि अवनीश कुमार सिंह के नाम करीब 3.37 करोड़ रुपये की देनदारी भी दर्ज है। इस कारण उनकी सकल संपत्ति और वास्तविक शुद्ध आर्थिक स्थिति में अंतर है। शपथपत्र के अनुसार उनके पास 18 हजार रुपये नकद और 205 ग्राम सोने के सिक्के तथा आभूषण हैं। उनकी पत्नी के पास 250 ग्राम सोना और छह किलोग्राम चांदी घोषित है। अवनीश सिंह के नाम महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और .32 बोर की वेबली स्कॉट रिवॉल्वर का भी उल्लेख किया गया है।
उमेश द्विवेदी BJP
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी की घोषित आय में हुई वृद्धि ध्यान खींचती है। शपथपत्र के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में उनकी आय लगभग 15 लाख रुपये थी, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर करीब 69 लाख रुपये हो गई। यानी एक वित्त वर्ष में घोषित आय लगभग 54 लाख रुपये बढ़ी। यह वृद्धि करीब साढ़े चार गुना वार्षिक आय के बराबर है। हालांकि आय बढ़ने का वास्तविक कारण समझने के लिए आयकर विवरण में दर्ज आय के स्रोतों को देखना आवश्यक होगा। किसी एक वर्ष में आय बढ़ने से अपने आप यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि नियमित कमाई उसी अनुपात में बढ़ी है, क्योंकि संपत्ति की बिक्री, निवेश से प्राप्त आय या दूसरे वैध स्रोत भी वार्षिक आय को प्रभावित कर सकते हैं।
उमेश द्विवेदी और उनके परिवार के नाम कई वाहन भी घोषित हैं। उपलब्ध शपथपत्र विवरण के अनुसार उनके पास इनोवा, फॉर्च्यूनर, बोलेरो और डिजायर कारें हैं। उनकी पत्नी के नाम फॉर्च्यूनर और महिंद्रा एक्सयूवी दर्ज हैं। उमेश द्विवेदी ने अपने पास 30 ग्राम सोना घोषित किया है, जबकि उनकी पत्नी के पास 40 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी है। वाहनों और आभूषणों का यह विवरण उम्मीदवारों की संपत्ति घोषणा का हिस्सा है। हालांकि उपलब्ध समाचार विवरण में उनकी कुल चल-अचल संपत्ति और देनदारियों की पूरी राशि नहीं दी गई है, इसलिए अन्य प्रत्याशियों की तरह उनकी कुल संपत्ति का सटीक तुलनात्मक आंकड़ा प्रस्तुत करना संभव नहीं है।
प्रत्याशी सुशील कुमार SP
लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुशील कुमार ने अपने नाम करीब 4.40 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। उनकी पत्नी के नाम लगभग 1.72 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। इस तरह दोनों की संयुक्त घोषित संपत्ति करीब 6.12 करोड़ रुपये है। सुशील कुमार के पास लगभग 25 लाख रुपये और उनकी पत्नी के पास करीब 54 लाख रुपये मूल्य का सोना घोषित है। सुशील कुमार के नाम राइफल और रिवॉल्वर का भी उल्लेख है। दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति घोषित करने के बावजूद शपथपत्र के अनुसार सुशील कुमार और उनकी पत्नी के नाम कोई वाहन दर्ज नहीं है।
इन शपथपत्रों से यह भी स्पष्ट होता है कि उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल कुल संपत्ति देखकर नहीं किया जाना चाहिए। किसी प्रत्याशी के नाम अधिक अचल संपत्ति हो सकती है, लेकिन उस पर कर्ज भी हो सकता है। इसी तरह किसी के पास कम संपत्ति होने के बावजूद उसकी वार्षिक आय अधिक हो सकती है। चुनावी शपथपत्रों में घोषित मूल्य भी आवश्यक नहीं कि किसी संपत्ति की आज की संभावित बाजार बिक्री कीमत के बराबर हो। इसलिए चल संपत्ति, अचल संपत्ति, वार्षिक आय और देनदारियों को अलग-अलग समझना आवश्यक है।
इस बीच दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। बुधवार, सात अक्टूबर को मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर विजय विश्वास पंत की देखरेख में सभी 36 नामांकन पत्रों की जांच की गई। इनमें छह नामांकन पत्र निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण खारिज कर दिए गए। पांच नामांकन लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और एक नामांकन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का निरस्त हुआ। जांच के बाद स्नातक क्षेत्र में 17 और शिक्षक क्षेत्र में 13 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए। प्रशासन के अनुसार पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जिनके नामांकन खारिज हुए हैं, उनमें निर्दलीय प्रत्याशी अवनीश कुमार वर्मा, कांति सिंह, रामचंद्र तिवारी, विनोद कुमार वर्मा और चंद्रभान मौर्य के नाम शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय विद्यासागर का नामांकन निरस्त हुआ है। यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है कि बाराबंकी की निर्दलीय प्रत्याशी कांति सिंह का नामांकन खारिज हुआ है, जबकि समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह अलग उम्मीदवार हैं और उनका नामांकन वैध पाया गया है। इसी प्रकार निरस्त नामांकन वाले चंद्रभान मौर्य और बसपा के घोषित प्रत्याशी के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं में भिन्नता होने के कारण उम्मीदवार की पहचान नामांकन अभिलेखों से स्पष्ट करना आवश्यक है।
नामांकन वापसी की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर निर्धारित है। इसके बाद दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में अंतिम प्रत्याशियों की संख्या स्पष्ट होगी। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग निर्धारित मतदाता सूचियों के आधार पर होता है। इन क्षेत्रों में मतदाता बनने के लिए निर्धारित शैक्षिक अथवा शिक्षण संबंधी पात्रता पूरी करनी होती है।
विधान परिषद के इन चुनावों में उम्मीदवारों के शपथपत्र मतदाताओं को उनकी आर्थिक स्थिति समझने का अवसर देते हैं। लेकिन किसी प्रत्याशी की अधिक या कम संपत्ति अपने आप उसकी राजनीतिक योग्यता, कार्यक्षमता अथवा सार्वजनिक जीवन के आचरण का प्रमाण नहीं होती। इन चुनावों में स्नातकों और शिक्षकों के सामने रोजगार, उच्च शिक्षा, शिक्षण संस्थानों की समस्याएं, पुरानी पेंशन, नियुक्तियों की पारदर्शिता और शैक्षणिक व्यवस्था जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए प्रत्याशियों की घोषित संपत्ति के साथ उनके सार्वजनिक कार्यों, शैक्षिक मुद्दों पर दृष्टिकोण और पिछले प्रतिनिधित्व का मूल्यांकन भी चुनावी चर्चा का हिस्सा होना चाहिए।


