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UP MLC Election Result: मेरठ में BJP का डबल धमाका, आगरा-गोरखपुर में विवाद, अखिलेश ने उठाए सवाल
UP MLC Election Result 2026: मेरठ की दोनों सीटों पर बीजेपी की जीत, वाराणसी में सपा के लाल बिहारी आगे। आगरा में विरोध, गोरखपुर में मतपेटी पर सवाल और अखिलेश यादव की चुनाव आयोग से मांग।
UP MLC Election Results 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों की मतगणना ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। मेरठ की शिक्षक और स्नातक-दोनों सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज कर अपना खाता मजबूत किया है, लेकिन दूसरी सीटों पर मुकाबला लगातार बदल रहा है। वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी की बढ़त, बरेली-मुरादाबाद में बीजेपी के हरि सिंह ढिल्लो का प्रदर्शन और गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की चुनौती ने नतीजों को दिलचस्प बना दिया है।
मतगणना के बीच आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। गोरखपुर में निर्दलीय प्रत्याशी ने मतपेटी की सील को लेकर सवाल उठाए, जबकि एक मतपेटी में अपेक्षा से अधिक वोट मिलने की खबर पर दोबारा मिलान की बात सामने आई। इन घटनाक्रमों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना में देरी को लेकर चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
मेरठ में बीजेपी की दोनों सीटों पर जीत
मेरठ-सहारनपुर मंडल की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में बीजेपी ने दोनों सीटें जीत ली हैं। शिक्षक सीट पर बीजेपी के श्रीचंद शर्मा और स्नातक सीट पर दिनेश गोयल की जीत की खबर सामने आई है।
इन दोनों सीटों पर जीत बीजेपी के लिए अहम है, क्योंकि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखना चाहती है। दूसरी ओर, सपा के लिए इन सीटों पर मिली हार के बाद बाकी निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम महत्वपूर्ण हो गए हैं।
वाराणसी शिक्षक सीट: लाल बिहारी पर नजरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा उम्मीदवार लाल बिहारी शुरुआती रुझानों में आगे बताए गए। बीजेपी के प्रमोद मिश्रा उनके मुकाबले में हैं।
यह सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां का परिणाम पूर्वांचल में बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत मानना जल्दबाजी होगी।
आगरा में मतगणना पर सवाल, सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
आगरा में मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं और गिनती रोके जाने के आरोपों के बीच सपा कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति के बाहर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
आगरा शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल और बीजेपी के हरिकिशोर तिवारी के बीच मुकाबले पर नजरें हैं। शुरुआती रुझानों में निर्दलीय राजीव यादव की बढ़त की भी खबर सामने आई है।
मतगणना को लेकर उठे सवालों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और अंतिम आधिकारिक आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे। किसी भी आरोप को जांच और साक्ष्य के बिना प्रमाणित गड़बड़ी नहीं माना जा सकता।
गोरखपुर में निर्दलीय की चुनौती, ध्रुव त्रिपाठी पर नजर
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा के संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच मुकाबला चर्चा में है।
एक शुरुआती अपडेट में ध्रुव त्रिपाठी को 3,813, निर्दलीय राजीव यादव को 3,703 और सपा के संजयन त्रिपाठी को 2,744 वोट मिलने की जानकारी दी गई थी। वहीं, बाद के अपडेट में निर्दलीय उम्मीदवार की बढ़त की खबर भी सामने आई। इसलिए इस सीट पर अंतिम परिणाम की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
इसी बीच निर्दलीय उम्मीदवार की ओर से बिना सील वाली मतपेटी मिलने का दावा किए जाने की खबर सामने आई है। एक अन्य रिपोर्ट में मऊ से आई मतपेटी में दर्ज संख्या से 52 अधिक वोट मिलने की बात कही गई, जिसके बाद दोबारा मिलान किए जाने की सूचना दी गई। इन घटनाओं की आधिकारिक जांच और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
बरेली-मुरादाबाद में बीजेपी के हरि सिंह ढिल्लो आगे
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के हरि सिंह ढिल्लो ने शुरुआती रुझानों में सपा के हाजी दानिश अख्तर पर बढ़त बनाई। एक अपडेट में ढिल्लो को 10,222 और दानिश अख्तर को 1,675 वोट मिलने की जानकारी दी गई थी।
मतगणना के दौरान निरस्त मतों की संख्या भी चर्चा में रही। इस सीट का अंतिम परिणाम घोषित होने तक शुरुआती आंकड़ों को रुझान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
लखनऊ में वैध-अवैध मतपत्रों को लेकर विवाद
लखनऊ में भी मतगणना के दौरान वैध और अवैध मतपत्रों को लेकर हंगामे की खबर सामने आई। शिक्षक सीट पर बीजेपी के उमेश द्विवेदी और सपा के प्रतीक कुमार के बीच मुकाबला है।
मतपत्रों की वैधता को लेकर विवाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। संबंधित निर्वाचन अधिकारी का निर्णय और आधिकारिक मतगणना रिकॉर्ड ही अंतिम स्थिति स्पष्ट करेंगे।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना में देरी पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल संज्ञान लेने और परिणामों को पारदर्शी तरीके से घोषित करने की मांग की।
सपा की ओर से उठाए गए सवाल ऐसे समय में सामने आए हैं, जब कई सीटों पर रुझानों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बीजेपी और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने के कारण मतगणना की हर प्रक्रिया राजनीतिक बहस का विषय बन रही है।
11 सीटें, सात जिलों में मतगणना
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से सात जिलों: लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में शुरू हुई।
निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी की स्नातक सीटें शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद सीटें हैं।
मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच है, हालांकि निर्दलीय प्रत्याशी और बागी उम्मीदवार भी कई सीटों पर समीकरण बदलने की कोशिश में हैं।
2027 से पहले राजनीतिक ताकत की परीक्षा
एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव का सीधा परिणाम नहीं माना जा सकता, क्योंकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता वर्ग सीमित और अलग होता है। फिर भी, इन चुनावों से दोनों प्रमुख दलों के स्थानीय संगठन, उम्मीदवारों की पकड़ और क्षेत्रीय समीकरणों के संकेत जरूर मिल सकते हैं।
मेरठ में बीजेपी की दोनों सीटों पर जीत के बाद बाकी सीटों के नतीजों पर नजरें हैं। सपा भी वाराणसी और आगरा जैसे क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश में है। अंतिम परिणाम ही बताएंगे कि 11 सीटों की इस चुनावी लड़ाई में किस दल को कितनी सफलता मिली।


