कौन बनेगा UP का नया DGP? रेस में ये नाम सबसे आगे, SC के हंटर के बाद जागी सरकार

UP DGP new appointment 2026: यूपी में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज! सुप्रीम कोर्ट के दबाव के बाद UPSC को भेजा गया पैनल, राजीव कृष्ण समेत कई बड़े नाम रेस में। जानिए कौन बन सकता है अगला पुलिस प्रमुख।

Harsh Srivastava
Published on: 19 March 2026 8:51 PM IST
कौन बनेगा UP का नया DGP? रेस में ये नाम सबसे आगे, SC के हंटर के बाद जागी सरकार
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UP DGP new appointment 2026: उत्तर प्रदेश की सियासत और पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। योगी सरकार ने आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के हंटर के बाद राज्य के पूर्णकालिक डीजीपी (DGP) की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को अधिकारियों का पैनल भेज दिया है। साल 2022 से यूपी पुलिस 'कामचलाऊ' कप्तानों के भरोसे चल रही थी, लेकिन अब वो दौर खत्म होने वाला है। मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद से अब तक 5 कार्यवाहक डीजीपी बदले जा चुके हैं, जिससे प्रशासन की स्थिरता पर सवाल उठ रहे थे। अब 1990 से लेकर 1994 बैच तक के सबसे ताकतवर आईपीएस अफसरों के नामों पर दिल्ली में मंथन शुरू हो गया है।

5 कार्यवाहक कप्तानों का 'अस्थाई' दौर

यूपी पुलिस के इतिहास में पिछला कुछ समय काफी उथल-पुथल भरा रहा है। मई 2022 में जब मुकुल गोयल को हटाया गया, तब किसी ने नहीं सोचा था कि स्थाई डीजीपी के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ेगा। सबसे पहले डीएस चौहान को जिम्मेदारी मिली, फिर आरके विश्वकर्मा और विजय कुमार ने कमान संभाली। इसके बाद सरकार के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले प्रशांत कुमार ने एक साल चार महीने तक कार्यवाहक मुखिया के तौर पर पुलिस की बागडोर थामी। उनके रिटायरमेंट के बाद फिलहाल राजीव कृष्ण इस भारी-भरकम पद को संभाल रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या राजीव कृष्ण ही स्थाई कप्तान बनेंगे या बाजी कोई और मार ले जाएगा?

कौन है रेस में आगे?

सीनियरिटी लिस्ट पर नजर डालें तो 1990 बैच की रेणुका मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है, लेकिन सिपाही भर्ती पेपर लीक कांड की आंच ने उनके दावे को कमजोर कर दिया है। वहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात आलोक शर्मा का कार्यकाल अब 6 महीने से भी कम बचा है, जिससे वह तकनीकी रूप से इस रेस से बाहर हो सकते हैं। एनडीआरएफ के डीजी पीयूष आनंद का नाम भी चर्चा में है, लेकिन पुराने विवाद उनके आड़े आ सकते हैं। ऐसे में पूरी लाइमलाइट अब वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण पर टिकी है, जिन्हें सरकार का करीबी और बेहद काबिल अफसर माना जाता है।

क्यों हैं वो पहली पसंद?

राजीव कृष्ण का दावा सबसे मजबूत होने के पीछे कई ठोस वजहें हैं। पहली बात तो यह कि उनके पास जून 2029 तक का एक लंबा कार्यकाल बचा है, जो पुलिसिंग में स्थिरता लाने के लिए जरूरी है। उन्होंने 'यक्ष ऐप' जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स और पुलिस ट्रेनिंग में जो बदलाव किए हैं, उससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी प्रभावित बताए जाते हैं। उनका शांत स्वभाव और अनुशासन प्रिय कार्यशैली उन्हें बाकी दावेदारों से मीलों आगे खड़ा करती है। अगर यूपीएससी ने पुराने तकनीकी पेंच नहीं फंसाए, तो बहुत जल्द लखनऊ के पुलिस मुख्यालय पर राजीव कृष्ण के नाम की स्थाई नेमप्लेट लग सकती है।

Harsh Srivastava

Harsh Srivastava

Mail ID - harshsri764@gmail.com

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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