UP News: CM योगी का बड़ा फैसला, मंत्रियों की फ्लीट में 50% की कमी और 'No Vehicle Day' का एलान

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में बड़े सुधारों का एलान किया है। अब मंत्रियों की फ्लीट में 50% वाहनों की कमी होगी, सरकारी बैठकों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' और जनता के लिए 'नो व्हीकल डे' जैसी पहल लागू की जा रही हैं ताकि ईंधन और सरकारी खर्च की बचत हो सके।

Shivam
Published on: 12 May 2026 10:06 PM IST (Updated on: 12 May 2026 10:32 PM IST)
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UP News (Image Credit-Social Media)

UP News:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को देखते हुए राज्य में बड़े प्रशासनिक सुधारों और बचत योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उनके स्वयं के काफिले सहित सभी मंत्रियों और उच्चाधिकारियों की फ्लीट में वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक कम की जाए। यह कदम ईंधन की खपत को नियंत्रित करने और सरकारी खर्चों में मितव्ययिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ संवाद करते हुए प्रदेशवासियों से भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान में जुड़ने की अपील की है।

बदलते कार्य परिवेश और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 'वर्क फ्रॉम होम' की संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि राज्य सचिवालय और निदेशालय स्तर की कम से कम 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें वर्चुअली आयोजित की जाएं। इसके साथ ही औद्योगिक संस्थानों और बड़े स्टार्टअप्स को भी सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दें। शिक्षा विभाग को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सेमिनार, वर्कशॉप और अन्य विभागीय बैठकें डिजिटल माध्यमों से ही संपन्न हों ताकि अनावश्यक यात्रा और समय की बचत हो सके।

सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और 'नो व्हीकल डे' की अपील

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आम जनता से अपील की है कि वे अपनी जीवनशैली में सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। उन्होंने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन बस, मेट्रो या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का सुझाव दिया है। प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में 'नो व्हीकल डे' आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि प्रदूषण और ईंधन की खपत दोनों को कम किया जा सके। साथ ही मेट्रो शहरों में लोगों को पीक ऑवर के दौरान भीड़भाड़ से बचने और ईंधन बचाने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटने का भी सुझाव दिया गया है।

ऊर्जा संरक्षण और बिजली की बचत पर जोर

विद्युत बचत को लेकर सरकार अब और भी गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने सरकारी भवनों, निजी प्रतिष्ठानों और घरों में अनावश्यक बिजली का उपयोग न करने का आग्रह किया है। विशेष रूप से व्यावसायिक परिसरों और निजी प्रतिष्ठानों में रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग करने की सलाह दी गई है। ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को भी मिशन मोड पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा और अनावश्यक खर्चों पर रोक

मुख्यमंत्री ने आर्थिक मजबूती के लिए प्रदेशवासियों से अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी न करने और खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए होटलों और रेस्तरां को कम तेल वाले खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। पर्यटन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 'विजिट माई स्टेट' अभियान पर जोर दिया है और वेडिंग प्लानर्स से अपील की है कि वे विदेशों के बजाय उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक किलों और ईको साइट्स पर 'डेस्टिनेशन वेडिंग' को प्रोत्साहित करें। त्यौहारों और शादियों के सीजन में उपहार के तौर पर ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) और जीआई टैग प्राप्त स्वदेशी हस्तशिल्प सामग्रियों का ही उपयोग करने का संदेश दिया गया है।

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Shivam is a multimedia journalist.

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