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यूपी में आउटसोर्स भर्ती का नया नियम, ग्रुप C-D में इंटरव्यू खत्म; स्थानीय युवाओं को मिलेंगे 15 बोनस
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती की नई व्यवस्था लागू हुई है। ग्रुप C-D में इंटरव्यू खत्म कर 100 अंकों की मेरिट से चयन होगा। स्थानीय युवाओं को 15 अंक और विशेष महिला वर्ग को 10 अंक मिलेंगे।
UP Outsource Recruitment 2026 Rules: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के तहत होने वाली भर्तियों में ग्रुप C और D के पदों पर इंटरव्यू नहीं होगा। अभ्यर्थियों का चयन 100 अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। नई व्यवस्था में संबंधित जिले के स्थानीय युवाओं को 15 अंकों का अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा।
इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए भी मेरिट में कुल 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी रोकने के लिए उनके चयन और कामकाज को लेकर भी सख्त प्रावधान किए हैं।
100 अंकों की मेरिट से होगा चयन
नई चयन प्रक्रिया में कुल 100 अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार होगी। इसमें लिखित परीक्षा के लिए अधिकतम 50 अंक निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित शैक्षिक योग्यता से अधिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को 25 अंक तक दिए जाएंगे। संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होने की वरीयता होगी जिसके लिए पर 15 अंक मिलेंगे। वहीं विशेष महिला वर्ग के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।
महिला वर्ग में विधवा को पहली, तलाकशुदा को दूसरी और परित्यक्ता महिला को तीसरी प्राथमिकता दी जाएगी।
सेवायोजन पोर्टल से होगा अभ्यर्थियों का चयन
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आउटसोर्स पदों पर चयन सेवायोजन पोर्टल से उपलब्ध कराए गए अभ्यर्थियों के नामों में से किया जाएगा। एक पद होने की स्थिति में वरिष्ठता क्रम से पांच अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
यदि दो या उससे अधिक पद हैं तो प्रत्येक पद के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। हालांकि कुल अभ्यर्थियों की संख्या कम से कम 10 रखी जाएगी।
एजेंसियों का चयन जेम पोर्टल से
आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाली एजेंसियों का चयन सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से किया जाएगा। एजेंसी का चयन न्यूनतम तीन साल के लिए किया जाएगा और आवश्यकता बनी रहने तक उसकी सेवाएं आगे भी जारी रखी जा सकेंगी।
इसके लिए निगम, संबंधित विभाग और चयनित आउटसोर्स एजेंसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
लापरवाही पर एजेंसी पर लगेगा जुर्माना, हो सकती है ब्लैकलिस्ट
नई व्यवस्था में आउटसोर्स एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की गई है। काम में लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाया जा सकेगा। गंभीर मामलों में उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण भी लागू
नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स भर्ती में भी नियमानुसार आरक्षण का प्रावधान रहेगा। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के साथ दिव्यांगजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और भूतपूर्व सैनिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिलेगा।
भर्ती प्रक्रिया और आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर समितियां गठित करने की व्यवस्था भी की गई है।
युवाओं के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था से ग्रुप C और D के आउटसोर्स पदों पर इंटरव्यू की भूमिका खत्म हो जाएगी और चयन में मेरिट को ज्यादा महत्व मिलेगा। खासतौर पर संबंधित जिले के अभ्यर्थियों को 15 अंकों का वेटेज मिलने से स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।


