UP Police: "ड्यूटी के वक्त रील बनाई तो..." 'रीलबाज' पुलिसकर्मियों को अमिताभ यश का अल्टीमेटम, मुख्यालय से आदेश जारी

UP Police Reel Ban: ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर अब होगी सख्त कार्रवाई! अमिताभ यश के आदेश के बाद UP पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पॉलिसी उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभागीय जांच और रिपोर्टिंग के निर्देश जारी किए हैं।

Harsh Srivastava
Published on: 17 May 2026 9:40 AM IST (Updated on: 17 May 2026 9:28 AM IST)
UP Police: ड्यूटी के वक्त रील बनाई तो... रीलबाज पुलिसकर्मियों को अमिताभ यश का अल्टीमेटम, मुख्यालय से आदेश जारी
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UP Police Reel Ban: उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील बनाने और आपत्तिजनक बातें पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब पुलिस मुख्यालय ने पूरी तरह सख्ती बरतने का फैसला किया है। डीजीपी मुख्यालय की मंजूरी मिलने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस नए आदेश के तहत, सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करने वाले सेवारत और ट्रेनी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा की गई इस सख्त पहल से उन पुलिसकर्मियों के बीच हलचल शुरू हो गई है जो ड्यूटी के समय सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताते हैं।

विभाग की छवि खराब करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश द्वारा जारी किए गए पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि पहले से लागू 'सोशल मीडिया पॉलिसी-2023' के बावजूद कई पुलिसकर्मी लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आधिकारिक पत्र में लिखा गया है कि यह देखने में आया है कि कई पुलिसकर्मी और ट्रेनी सोशल मीडिया पर रील और अन्य माध्यमों से ऐसी सामग्री पोस्ट कर रहे हैं जो सही नहीं है। इस तरह की गतिविधियों से न केवल सरकारी काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा और उसकी छवि पर भी खराब असर पड़ रहा है। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था संभालने वाली फोर्स में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हर महीने भेजी जाएगी रिपोर्ट

इस तरह की अनुशासनहीनता को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक मजबूत योजना तैयार की है। विभाग के सभी प्रमुखों और कार्यालय प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले जिलों और इकाइयों में नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की तुरंत पहचान करें। पहचान होने के बाद उन कर्मचारियों के खिलाफ बिना किसी देरी के आवश्यक कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही हर महीने एक तय प्रारूप के अनुसार, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। इस व्यवस्था से अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।

नियमों की निगरानी के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे साक्ष्य

सख्त निगरानी के संबंध में जारी इस आदेश में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई आपत्तिजनक रील या सामग्री के यूआरएल (URL) लिंक सहित पूरा रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे किसी भी जांच के दौरान सबूत पेश करने में आसानी होगी। यह कड़ा पत्र पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अनुमति के बाद 15 मई 2026 को आधिकारिक रूप से जारी किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे अपने क्षेत्रों में इस आदेश को पूरी तरह लागू करें।

Harsh Srivastava

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