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BJP जिलाध्यक्ष ने की सेक्स डिमांड? महोबा की महिला नेता के आरोपों से सनसनी, बगावत पर उतरी दीपाली तिवारी
BJP Deepali Tiwari: महोबा की पूर्व भाजपा जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम के खिलाफ सिराथू से चुनाव लड़ने का एलान।भी कर दिया है।
BJP Deepali Tiwari: उत्तर प्रदेश की सियासत में उस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया जब महोबा की वरिष्ठ महिला नेता और पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खुलकर बगावत का बिगुल फूंक दिया। दीपाली तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष पर अश्लील मांग करने का संगीन आरोप लगाने के बाद अब मामले को दबाने आई संगठन की जांच टीम पर भी सनसनीखेज दावों की झड़ी लगा दी है। दीपाली ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुलासा किया कि पार्टी के बड़े नेताओं ने उन्हें न्याय देने के बजाय उनके परिवार को डराने और चुप कराने का काम किया। इस खुलासे के बाद से पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।
धमकी देकर कराया समझौता
वायरल वीडियो में पूर्व जिला मंत्री ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जो टीम उनके पास आई थी, उसने उनके पति को झूठे केस में जेल में डालने और मासूम बच्चों का भविष्य पूरी तरह बर्बाद करने की सीधी धमकी दी थी। दीपाली के मुताबिक, शुरुआत में जांच समिति ने उन्हें शांत करने के लिए क्षेत्रीय उपाध्यक्ष का बड़ा पद देने का लालच भी दिया था। लेकिन जब वे इस प्रलोभन में नहीं आईं, तो उनके पूरे परिवार को निशाना बनाया जाने लगा। अंत में अपने पति और बच्चों की सुरक्षा की खातिर उन्हें मजबूरन समझौते के कागजों पर दस्तखत करने पड़े और उसका एक वीडियो जारी करना पड़ा।
हमबिस्तर होने का दबाव
इस पूरे विवाद की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई थी, जब दीपाली तिवारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर बेहद संगीन अश्लील आरोप लगाए थे। दीपाली ने साफ कहा था कि पार्टी में उपाध्यक्ष का पद देने के बदले जिलाध्यक्ष ने उन पर हमबिस्तर होने का गंदा दबाव बनाया था। एक महिला नेता के सम्मान को इस तरह कुचले जाने की गूंज जब लखनऊ में बैठे आला नेताओं तक पहुंची, तो आनन-फानन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री संत विलास शिवहरे को इस मामले की जांच और लीपा-पोती के लिए महोबा भेजा गया था।
वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का खेल
महिला नेता ने पार्टी की अंदरूनी रणनीतियों को उजागर करते हुए एक और बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उनकी ड्यूटी झिरियादाई मंदिर के पास वाले बूथ पर लगाई गई थी। वहां उन्हें कार्यालय से कुछ फार्म-7 सौंपे गए और यादव व मुस्लिम समाज के स्थानीय लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाने के लिए कहा गया। जब उन्होंने बीएलओ से बात की तो पता चला कि उन सभी नागरिकों के दस्तावेज बिल्कुल सही हैं। दीपाली ने जब इस गलत काम का विरोध किया, तो वे बड़े पदाधिकारियों की आंखों की किरकिरी बन गईं।
सिराथू से ठोंकी ताल
पार्टी की नीतियों से नाराज होकर दीपाली तिवारी ने अब सीधे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह सिराथू की बेटी हैं और उनके दादा मंगला प्रसाद तिवारी, जिन्हें लोग आदर से 'जर्मन मास्टर' कहते थे, वहां से 3 बार विधायक रह चुके हैं। दीपाली ने आम जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए अन्य राजनीतिक दलों से भी मदद की गुहार लगाई है। दूसरी तरफ, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद करार दिया है।


