UP Politcs: 2024 की कामयाबी दोहराने का नया फॉर्मूला, गांवों में यह किताब बांटकर क्या समझा रही है सपा?

साल 2027 का चुनाव जीतने के लिए समाजवादी पार्टी एक बार फिर 2024 की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए पार्टी ने बुकलेट भी तैयार करवाई है।

Shivam Shrivastava
Published on: 26 May 2026 3:58 PM IST (Updated on: 26 May 2026 4:07 PM IST)
UP Politcs: 2024 की कामयाबी दोहराने का नया फॉर्मूला, गांवों में यह किताब बांटकर क्या समझा रही है सपा?
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उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव फतह करने के लिए समाजवादी पार्टी पूरी ताकत झोंक रही है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर 'संविधान और आरक्षण पर खतरे' का जो नैरेटिव सपा ने बुना था, उसी को अब वह आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति का मुख्य आधार बनाने जा रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार भाजपा सरकार पर नौकरियों में आरक्षण की लूट का आरोप लगा रहे हैं, जिसका सीधा मकसद अपने पीडीए फॉर्मूले को और मजबूत करना है। पार्टी कार्यकर्ता अब गांवों में जाकर भाजपा के खिलाफ तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट बांट रहे हैं वहीं कांग्रेस भी भाजपा को संविधान विरोधी साबित करने की अपनी कोशिशों को धार देने में जुटी है।

अगर सपा के पिछले चुनावी सफर को देखें, तो 2012 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद पार्टी को 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा से करारी हार झेलनी पड़ी थी। राजनैतिक जानकारों के अनुसार, पार्टी की छवि केवल यादव-मुस्लिम केंद्रित हो जाने के कारण उसे यह नुकसान उठाना पड़ा था। इसी को भांपकर सपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में रणनीति बदली और गैर-यादव पिछड़ी जातियों को जोड़ने के लिए संविधान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया, जिसका नतीजा यह रहा कि इस गठबंधन को 42 सीटों पर शानदार जीत मिली।

अब इसी कामयाबी को दोहराने के लिए अखिलेश यादव अपने हर भाषण में संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय का जिक्र कर सरकार को घेर रहे हैं। वह पासी, कुर्मी, निषाद, मौर्य और शाक्य जैसी गैर-यादव पिछड़ी व दलित उपजातियों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, ताकि सामाजिक असुरक्षा की भावना को एक मजबूत राजनीतिक एकजुटता में बदला जा सके। जनता के बीच यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि विपक्ष कमजोर हुआ तो उनके संवैधानिक अधिकार छीन लिए जाएंगे।

इस चुनावी चक्रव्यूह को और मजबूत करने के लिए सपा प्रमुख ने बड़े पैमाने पर 'पीडीए ऑडिट पुस्तिका' छपवाकर सभी जिलों में भिजवाई है। इस पुस्तिका में दावा किया गया है कि भाजपा सरकार ने पिछड़ों की 14 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां छीन ली हैं और उनके साथ लगातार अन्याय कर रही है। सपा पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे हर गांव और घर-घर जाकर इस पुस्तक को बांटें ताकि मतदाताओं को यह समझाया जा सके कि भाजपा राज में आरक्षण सुरक्षित नहीं है और उनके अधिकारों की रक्षा सिर्फ समाजवादी पार्टी ही कर सकती है।

Shivam Shrivastava

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Shivam Shrivastava is Senior Content Writer

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