UP राज्यसभा चुनाव में BJP का बड़ा दांव! 9वां पर्चा खरीदते ही बढ़ा सस्पेंस, क्या पलटेंगे SP के 25 MLA?

UP Rajya Sabha Election: यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में भाजपा ने नौवां नामांकन पत्र खरीदकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। केशव प्रसाद मौर्य ने 25 सपा विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 2 Oct 2026 8:28 PM IST (Updated on: 2 Oct 2026 8:29 PM IST)
UP Rajya Sabha Election | BJP Buys 9th Nomination Form
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Image Source- Social Media

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश कोटे की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनावी मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नौवां नामांकन पत्र खरीदकर सियासी हलचल और बढ़ा दी है। इसके साथ ही पार्टी की ओर से विपक्षी खेमे में सेंधमारी (Political Poaching) की कवायद तेज होने की चर्चा भी शुरू हो गई है।

इसे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की ओर से तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी के बाद भाजपा के पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने दावा किया है कि सपा के 25 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। उनके इस बयान ने राज्यसभा चुनाव के बीच सियासी सस्पेंस और बढ़ा दिया है।

10 सीटों पर चुनाव, 37 वोट का गणित

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 6 अक्टूबर तक चलेगी। मतदान 16 अक्टूबर को होना है। मौजूदा चुनावी गणित में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट की जरूरत है।

जिन 10 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उनमें अभी आठ सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। ऐसे में इस बार सबसे ज्यादा नजर उस अतिरिक्त सीट पर है, जिसके लिए दलों के बीच संख्या बल के साथ-साथ रणनीति और क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) का गणित भी अहम हो सकता है।

सपा के तीसरे प्रत्याशी पर सस्पेंस

समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी नामांकन कर चुके हैं। पार्टी की ओर से प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया गया है। दोनों ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया था।

हालांकि, तीसरे प्रत्याशी को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने के संकेत दिए जा रहे हैं। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

सपा के पास मौजूदा संख्या बल के हिसाब से दो सीटों के लिए जरूरी वोट जुटाने की स्थिति है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। इसी को लेकर पार्टी के भीतर और विपक्षी खेमे में जोड़तोड़ का दौर शुरू होने की बात सामने आ रही है।

अखिलेश ने दिया बागियों को साथ आने का ऑफर

तीसरे उम्मीदवार के लिए समाजवादी पार्टी को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इसी वजह से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की ओर से बागी और टिकट कटने की आशंका वाले विधायकों को साथ आने का खुला ऑफर दिए जाने की बात कही गई है।

वहीं दूसरी ओर भाजपा भी अपने विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। दोनों खेमों में क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए विधायकों की निगरानी और राजनीतिक संपर्क बढ़ने की चर्चा है। मौजूदा रिपोर्टों में भी दोनों दलों की ओर से अपने-अपने विधायकों को साधने की कोशिशों का जिक्र है।

भाजपा ने खरीदा नौवां पर्चा

भाजपा की ओर से 29 सितंबर को आठ नामांकन पत्र खरीदे गए थे। इसके बाद पार्टी ने नौवां पर्चा भी खरीद लिया। इससे यह संकेत मिला है कि भाजपा भी चुनावी गणित को लेकर पूरी तैयारी में है और अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने की संभावना पर मंथन कर रही है।

भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवारों को लेकर अंतिम तस्वीर साफ नहीं की है। पार्टी के स्तर पर राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर मंथन जारी है और केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अंतिम फैसला लिया जाना है।

विपक्षी खेमे में सेंधमारी की चर्चा तेज

भाजपा के नौवां पर्चा खरीदने के बाद अब विपक्षी खेमे में सेंधमारी (Opposition Camp Poaching) की चर्चा भी तेज हो गई है। पिछले राज्यसभा चुनाव में सपा के कुछ विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने का मामला सामने आया था। इसी पृष्ठभूमि में इस बार भी दोनों दल अपने-अपने विधायकों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं।

भाजपा पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान बगावत का रुख अपनाने वाले सपा विधायक मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बना चुकी है। अब इसी तरह की राजनीतिक रणनीति दोबारा अपनाए जाने की चर्चा है।

केशव मौर्य के दावे ने बढ़ाया सस्पेंस

इस बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने राज्यसभा चुनाव की तस्वीर को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। मौर्य ने दावा किया है कि सपा के 25 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और ‘सरप्राइज’ भाजपा की तरफ से दिया जाएगा।

हालांकि, 25 सपा विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने का दावा फिलहाल केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक दावा है। सार्वजनिक रूप से इन विधायकों के नाम सामने नहीं आए हैं और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

अब 10वीं सीट पर टिकी नजर

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा अतिरिक्त सीट को लेकर है। एक तरफ सपा तीसरे उम्मीदवार के जरिए मुकाबले को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ भाजपा ने नौवां नामांकन पत्र खरीदकर अपने विकल्प खुले रखे हैं।

दोनों खेमों में विधायकों को साधने और क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि मतदान 16 अक्टूबर को होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होने के साथ राज्यसभा चुनाव का असली सियासी गणित भी सामने आएगा।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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