अखिलेश यादव के साथ दिखे मंत्री राकेश सचान, यूपी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज

यूपी राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव और सपा प्रत्याशी धनराज नथवानी के साथ मंत्री राकेश सचान की तस्वीर सामने आई है। जानिए क्रॉस वोटिंग और सियासी समीकरणों पर क्या है चर्चा।

Alakha Singh
Published on: 30 Sept 2026 3:37 PM IST (Updated on: 30 Sept 2026 4:01 PM IST)
अखिलेश यादव के साथ दिखे मंत्री राकेश सचान, यूपी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज
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UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। तस्वीर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सपा नेताओं और राज्यसभा प्रत्याशी धनराज नथवानी के साथ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान भी नजर आ रहे हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में बीजेपी के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग और बदलते समीकरणों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।

हालांकि, सिर्फ किसी तस्वीर में साथ दिखाई देना क्रॉस वोटिंग या पाला बदलने का प्रमाण नहीं है। राकेश सचान की मौजूदगी को लेकर अंतिम निष्कर्ष तभी निकाला जा सकता है जब उनकी ओर से कोई राजनीतिक बयान या राज्यसभा चुनाव में उनके मतदान को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आए।

नामांकन के बाद सामने आई तस्वीर ने बढ़ाई चर्चा

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। इसी क्रम में सपा ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है।

धनराज नथवानी के नामांकन के बाद अखिलेश यादव और सपा नेताओं के साथ उनकी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात हुई। इसी दौरान ली गई तस्वीर में योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान भी दिखाई दिए।

यही तस्वीर अब राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। सवाल उठ रहा है कि बीजेपी सरकार के मंत्री सपा प्रत्याशी के साथ किस संदर्भ में मौजूद थे और क्या इस मुलाकात का राज्यसभा चुनाव के समीकरणों से कोई संबंध है?

क्या तस्वीर से क्रॉस वोटिंग का संकेत मिलता है?

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना तभी महत्वपूर्ण होती है जब मुकाबला करीबी हो और किसी उम्मीदवार की जीत या हार कुछ अतिरिक्त वोटों पर निर्भर करती हो। ऐसे में किसी विधायक या प्रभावशाली नेता की राजनीतिक गतिविधि को लेकर अटकलें स्वाभाविक रूप से तेज हो जाती हैं।

लेकिन राकेश सचान की तस्वीर के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि बीजेपी में क्रॉस वोटिंग होने जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सचान ने सपा प्रत्याशी के समर्थन का कोई निर्णय लिया है या नहीं।

राज्यसभा चुनाव में वास्तविक स्थिति मतदान के समय सामने आएगी। इसलिए फिलहाल तस्वीर ने सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन जवाब नहीं दिए हैं।

राकेश सचान का सियासी बैकग्राउंड क्यों महत्वपूर्ण है?

राकेश सचान का राजनीतिक सफर इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है। वह पहले समाजवादी पार्टी में रहे हैं और सपा के टिकट पर विधायक तथा सांसद भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया और बाद में बीजेपी में शामिल हुए।

फिलहाल वह योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सपा के राज्यसभा उम्मीदवार के साथ उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विश्लेषण शुरू होना स्वाभाविक है।

हालांकि, उनके पुराने राजनीतिक संबंधों को मौजूदा समय में किसी संभावित राजनीतिक कदम का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

मंत्रिमंडल में विभाग बदलने की चर्चा भी क्यों जुड़ी?

राकेश सचान को लेकर एक और राजनीतिक चर्चा उनके विभागों में हुए बदलावों से जुड़ी रही है। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद उनके पास पहले की तुलना में अलग जिम्मेदारियां होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हुई थीं।

इसी पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या उनके और बीजेपी नेतृत्व के बीच किसी तरह की नाराजगी है।

लेकिन किसी मंत्री की राजनीतिक नाराजगी या असंतोष को केवल विभागीय बदलाव और किसी तस्वीर के आधार पर निश्चित रूप से स्थापित नहीं किया जा सकता। इस संबंध में राकेश सचान की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने आना अधिक महत्वपूर्ण होगा।

कुर्मी राजनीति के लिहाज से भी अहम चेहरा

राकेश सचान का महत्व सिर्फ मंत्री पद तक सीमित नहीं है। वह कानपुर क्षेत्र और मध्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेता हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं।

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में गैर-यादव ओबीसी मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसलिए किसी बड़े ओबीसी नेता की राजनीतिक गतिविधि को पार्टियां और राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग नजरिए से देखते हैं।

यही वजह है कि राकेश सचान की तस्वीर को लेकर चर्चा केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है। इसे बीजेपी और सपा के बीच भविष्य के राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

धनराज नथवानी की उम्मीदवारी से क्यों बदला गणित?

सपा द्वारा धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने ने राज्यसभा चुनाव के समीकरणों में एक नया तत्व जोड़ दिया है। नथवानी उद्योग जगत से जुड़े परिवार से आते हैं और उनके पिता परिमल नथवानी राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

सपा के पास पहले से पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव का नाम था। ऐसे में नथवानी को उम्मीदवार बनाना सपा की ओर से एक अलग राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

यही वजह है कि राज्यसभा की 10वीं सीट के लिए संभावित मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। अलग-अलग दल अपने विधायकों के समर्थन का गणित साधने में जुटे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?

राकेश सचान की तस्वीर के बाद फिलहाल तीन सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:

क्या राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ मुलाकात केवल विधानसभा में हुई सामान्य राजनीतिक मुलाकात थी या इसके पीछे कोई चुनावी संदेश भी है?

क्या राज्यसभा चुनाव में किसी दल के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं?

क्या धनराज नथवानी की उम्मीदवारी के बाद बीजेपी और सपा के बीच वोटों का गणित उम्मीद से अलग दिशा में जा सकता है?

इन सवालों का वास्तविक जवाब मतदान और उसके बाद सामने आने वाले आंकड़ों से ही मिलेगा।

फिलहाल इतना जरूर है कि अखिलेश यादव के साथ राकेश सचान की तस्वीर ने राज्यसभा चुनाव की सियासी चर्चा को नई धार दे दी है। तस्वीर ने अटकलों को हवा दी है, लेकिन इसे क्रॉस वोटिंग या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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