UP Sant Kabir Nagar: यूपी के इस जिले में रोज 10 घंटे बंद रहेंगे पेट्रोल पंप... जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला

UP Sant Kabir Nagar Petrol Pump: Sant Kabir Nagar में ईंधन संकट और बढ़ती डीजल मांग के बीच प्रशासन ने पेट्रोल पंपों के समय और बिक्री सीमा तय की

Jyotsana Singh
Published on: 28 May 2026 3:42 PM IST (Updated on: 28 May 2026 10:50 PM IST)
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UP Sant Kabir Nagar Petrol Pump Close 2026

UP Sant Kabir Nagar Petrol Pump: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के साथ पूरी दुनिया पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि संकट का सामना कर रही है। इतने लंबे समय से चल रहे संघर्ष के साथ वर्तमान समय में भी वैश्विक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। साथ ही यह अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या अमेरिका और ईरान किसी राजनयिक समझौते पर पहुंचेंगे या एक और संघर्ष की ओर बढ़ेंगे। लेकिन इस तनाव का असर आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। इसी क्रम में देश में

डीजल पैट्रोल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। लेकिन सरकार लगातार इस समस्या से निपटने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। इसी दिशा में अब उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। जिले के सभी पेट्रोल पंप अब रोजाना 10 घंटे बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह कदम ईंधन संकट और कृषि कार्यों के दौरान बढ़ती डीजल मांग को देखते हुए उठाया है। इस फैसले के बाद आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और किसानों तक सभी पर असर पड़ने की संभावना है। जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक अब जिले के पेट्रोल पंप सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही खुलेंगे। यानी रात 9 बजे के बाद से अगले दिन सुबह 7 बजे तक किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की बिक्री की मात्रा भी तय कर दी गई है, ताकि सीमित उपलब्ध ईंधन का संतुलित इस्तेमाल किया जा सके।

अचानक क्यों लिया गया यह फैसला?

दरअसल, इन दिनों खेती-किसानी के काम बढ़ने के कारण डीजल की मांग तेजी से बढ़ी है। दूसरी ओर आम वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और ईंधन की अधिक खपत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने लगी थीं और कई जगह ईंधन की कमी की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करने का फैसला लिया। जिला मजिस्ट्रेट के साथ हुई बैठक के बाद जिला आपूर्ति अधिकारी राजीव कुमार ने 25 मई को जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश जारी किया।

आदेश में क्या-क्या कहा गया?

नई व्यवस्था के तहत अब जिले के सभी पेट्रोल पंप केवल 14 घंटे ही संचालित होंगे। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि तय सीमा से अधिक ईंधन नहीं दिया जाएगा। आदेश के मुताबिक भारी वाहनों जैसे बस और ट्रक को अधिकतम 30 से 40 लीटर तक ही पेट्रोल या डीजल मिलेगा। वहीं कार और अन्य हल्के वाहनों के लिए 15 से 20 लीटर तक की सीमा तय की गई है।

ट्रैक्टर और ट्रॉली को अधिकतम 30 लीटर डीजल दिया जाएगा। बाइक और स्कूटर में केवल 3 लीटर पेट्रोल ही भरवाया जा सकेगा। किसानों के लिए भी पहचान पत्र दिखाने के बाद ही अधिकतम 15 लीटर डीजल देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने डिब्बों या जेरीकैन में डीजल बेचने की सीमा भी तय कर दी है। अब किसी भी व्यक्ति को कंटेनर में 15 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिलेगा। वहीं पेट्रोल केवल वाहन में ही दिया जाएगा, किसी अन्य बर्तन या कंटेनर में नहीं।

लोगों की बढ़ सकती है परेशानी

इस फैसले के बाद आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासकर वे लोग जो देर रात यात्रा करते हैं या लंबी दूरी तय करते हैं, उन्हें पहले से ईंधन भरवाने की योजना बनानी होगी। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी करने वाले किसानों को भी तय सीमा में ही डीजल लेना होगा। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेगी।

क्या है प्रशासन का तर्क?

जिला प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ईंधन की जमाखोरी रोकना और सभी लोगों तक सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल पहुंचाना है। कई जगहों पर लोग अतिरिक्त डीजल और पेट्रोल स्टोर कर रहे थे, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं को दिक्कत हो रही थी। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि खेती के मौसम में किसानों को जरूरी डीजल मिलता रहे और आपूर्ति पूरी तरह बाधित न हो।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

देशभर में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर पहले से ही लोगों की जेब पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में अब आपूर्ति नियंत्रण और सीमित बिक्री जैसे कदम आम लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन सकते हैं। कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने और ईंधन खत्म होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अन्य जिलों में भी इस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।

लोगों से की गई अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें और घबराकर अतिरिक्त स्टॉक न करें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। संत कबीर नगर में लागू यह नई व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है। यही वजह है कि लोग अब अपने सफर और खेती दोनों की योजना ईंधन उपलब्धता को ध्यान में रखकर बना रहे हैं। और इसके इस्तेमाल पर यथा संभव कटौती के विकल्प तलाश रहे हैं।

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Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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