UP Storm Disaster: 26 जिले, 48 घंटे और 111 मौतें! UP में आंधी-तूफान का कहर, पुतिन समेत दुनिया के दिग्गजों ने जताया दुख

UP Storm Disaster 2026: उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 111 लोगों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया। 26 जिलों में तबाही के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं ने जताया दुख। जानिए यूपी आपदा की पूरी भयावह कहानी और योगी सरकार का एक्शन प्लान।

Harsh Srivastava
Published on: 15 May 2026 11:41 AM IST (Updated on: 15 May 2026 11:43 AM IST)
UP Storm Disaster: 26 जिले, 48 घंटे और 111 मौतें! UP में आंधी-तूफान का कहर, पुतिन समेत दुनिया के दिग्गजों ने जताया दुख
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UP Storm Disaster 2026: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों ने एक ऐसी त्रासदी की इबारत लिखी है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 13 और 14 मई को आए भयंकर चक्रवात, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली ने प्रदेश के 26 जिलों में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते 111 परिवारों के चिराग बुझ गए। यह आपदा इतनी भीषण थी कि इसकी गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर यूएई और सिंगापुर तक के नेताओं ने भारत के साथ इस दुख की घड़ी में एकजुटता दिखाई है।

पुतिन और वैश्विक नेताओं ने साझा किया भारत का दर्द

उत्तर प्रदेश की इस भीषण त्रासदी पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पुतिन ने अपने संदेश में कहा, "उत्तर प्रदेश में चक्रवात के कारण हुई भारी जानमाल की हानि पर मेरी संवेदनाएं स्वीकार करें। मेरी प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया है।"

सिर्फ रूस ही नहीं, बल्कि सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने भी बरेली सहित अन्य प्रभावित इलाकों में हुई तबाही पर हैरानी जताई। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी आधिकारिक बयान जारी कर भारत के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट की है। दुनिया के इन बड़े देशों का साथ आना यह बताता है कि यूपी में आई यह आपदा कितनी भयावह थी।

26 जिलों में मातम का सन्नाटा

राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश और आंधी ने न केवल इंसानों बल्कि बेजुबानों को भी अपना शिकार बनाया है। राज्य में अब तक 111 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 72 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि 227 घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए और 170 से ज्यादा पशुओं की जान चली गई। प्रयागराज इस आपदा का सबसे बड़ा केंद्र बना, जहां अकेले 26 लोगों की जान चली गई। भदोही में 16, फतेहपुर में 9, बदायूं में 5 और प्रतापगढ़ में 4 लोगों की मौत ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है।

योगी सरकार का 'एक्शन प्लान'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों तक वित्तीय सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व और कृषि विभाग को तत्काल फसलों और संपत्ति के नुकसान का सर्वेक्षण करने को कहा गया है ताकि किसानों को बीमा और सरकारी मदद मिल सके।

बिजली और पेड़ों के गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान

अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर मौतें बिजली गिरने, पेड़ उखड़ने और पुराने मकानों की दीवारें गिरने के कारण हुई हैं। कानपुर देहात में आसमानी बिजली ने एक युवती सहित दो की जान ली, तो सोनभद्र में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई। प्रयागराज और भदोही में तबाही का मंजर सबसे खौफनाक था, जहां बुधवार शाम आई आंधी ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। सरकार ने बिजली विभाग को उखड़े हुए खंभों को जल्द ठीक करने और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का सख्त निर्देश दिया है ताकि राहत कार्यों में बाधा न आए।

भविष्य की चेतावनी और सतर्कता

रिजर्व बैंक और मौसम विभाग ने पहले ही वैश्विक संकट और बदलते मौसम को लेकर चेताया था, लेकिन इस स्तर की तबाही की कल्पना किसी ने नहीं की थी। प्रशासन अब प्रभावित परिवारों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रहा है। सरकार का पूरा ध्यान अब घायलों के बेहतर इलाज और बेघर हुए लोगों को छत मुहैया कराने पर है। काशी से लेकर कानपुर तक, हर जगह लोग इस आपदा से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की टीमें मलबे में दबी उम्मीदों को तलाश रही हैं।

Harsh Srivastava

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