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TET अभ्यर्थियों का बड़ा ऐलान: मांगें नहीं मानी गईं तो 5 सितंबर को प्रयागराज में महाआंदोलन
UP TET अभ्यर्थियों ने रिजेक्ट फॉर्म और OMR की दोबारा जांच, पारदर्शी नॉर्मलाइजेशन समेत कई मांगें उठाई हैं। मांगें नहीं मानी गईं तो 5 सितंबर को प्रयागराज में महाआंदोलन होगा।
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के समक्ष घेराव और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने TET परिणाम, रिजेक्ट किए गए फॉर्म और OMR की दोबारा जांच के साथ-साथ नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आयोग की ओर से उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस और सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के दिन प्रयागराज में महाआंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के नेतृत्व में प्रस्तावित है।
TET के रिजेक्ट फॉर्म और OMR की दोबारा जांच की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि TET परिणाम में रिजेक्ट किए गए फॉर्म और OMR शीट की दोबारा जांच कराई जाए। उनका कहना है कि तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कारणों से यदि किसी पात्र अभ्यर्थी का परिणाम प्रभावित हुआ है तो उसकी निष्पक्ष तरीके से समीक्षा होनी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि केवल तकनीकी या प्रक्रियात्मक खामियों के कारण योग्य उम्मीदवारों को शिक्षक बनने के अवसर से वंचित करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि उचित मामलों में अभ्यर्थियों को OMR स्वीकार किए जाने का अवसर दिया जाए।
नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी सवाल
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने TET की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनकी मांग है कि अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए सामान्यीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह समान, पारदर्शी और न्यायपूर्ण हो।
अभ्यर्थियों का कहना है कि नॉर्मलाइजेशन के कारण किसी खास शिफ्ट या समूह के उम्मीदवारों को अनावश्यक नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके लिए आयोग को प्रक्रिया और उसके प्रभाव से जुड़ी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने रखनी चाहिए।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं:
TET में रिजेक्ट किए गए फॉर्म और OMR की दोबारा जांच कराई जाए।
तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम से बाहर न किया जाए।
उचित मामलों में रिजेक्ट OMR को स्वीकार करने का अवसर दिया जाए।
नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को समान और पारदर्शी बनाया जाए।
अभ्यर्थियों की आपत्तियों और शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाए।
5 सितंबर को प्रयागराज में महाआंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों का कहना है कि सोमवार के प्रदर्शन के बाद भी यदि आयोग उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के दिन प्रयागराज में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि उन युवाओं की आवाज उठाने का दिन भी है जो शिक्षक बनने का सपना लेकर लंबे समय से भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि TET की प्रक्रिया को पारदर्शी, न्यायपूर्ण और अभ्यर्थी हितैषी बनाने की मांग को मजबूती से उठाना है।
अभ्यर्थियों ने 5 सितंबर को बड़ी संख्या में एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है।


