UP News: योगी सरकार का निर्देश, स्कूल वाहनों की होगी नियमित जांच, बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई

UP News: यूपी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं। 12 साल तक के बच्चों के स्कूल वाहनों में परिचारक अनिवार्य होगा और वाहनों की नियमित जांच होगी।

Newstrack Network
Published on: 8 Aug 2026 9:09 PM IST (Updated on: 8 Aug 2026 9:09 PM IST)
School Bus Safety Rule
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School Bus Safety Rule (Image Credit-Social Media)

लखनऊ, 8 अगस्त। उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों को पत्र जारी कर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार 12 वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों को ले जाने वाले स्कूल वाहनों में परिचारक/परिचारिका की मौजूदगी अनिवार्य होगी। परिचारक बच्चों को वाहन में सुरक्षित चढ़ने और उतरने में मदद करेगा। विभाग ने विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए हैं।

चालकों का चरित्र सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी

परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि शिक्षण संस्थानों में संचालित वाहनों के चालकों का चरित्र सत्यापन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके अलावा स्कूल वाहनों की फिटनेस और जरूरी दस्तावेजों की वैधता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

विभाग ने कहा है कि किसी भी अनफिट वाहन का इस्तेमाल बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज वैध होने चाहिए।

हर महीने सुरक्षा उपकरणों की जांच होगी

विद्यालय के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को स्कूल वाहनों में मौजूद सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जिम्मेदारी दी गई है। निर्देशों के मुताबिक हर महीने वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा किट, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी अलार्म समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच कर उन्हें दुरुस्त और अपडेट रखना होगा।

परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

परिवहन विभाग करेगा स्कूल वाहनों की नियमित चेकिंग

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही परिवहन विभाग भी प्रदेश में स्कूल वाहनों की नियमित जांच करेगा। इस दौरान वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी मानकों के साथ सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाएगी।

विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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