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UP News: CM ऑफिस की दखल के बाद गिरी गाज, कमीशनखोरी के आरोप में दो अफसर निलंबित
UP News: उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद सहायक निदेशक धीरेन्द्र झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद को निलंबित कर दिया गया।
UP News: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार लगातार सख्त रुख अपनाने का दावा कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात दो कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सहायक निदेशक और प्रधान सहायक को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता से जांच कराई गई।
सहायक निदेशक पर गंभीर आरोप
जांच के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र झा पर कई गंभीर आरोप सामने आए। उन पर निर्माण कार्यों, ठेके और अन्य विभागीय कार्यों में कथित तौर पर कमीशन लेने के आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा तबादला प्रक्रिया के दौरान भी अवैध रूप से धन वसूली करने की शिकायतें सामने आईं। मामले की जांच के लिए विभाग स्तर पर गोपनीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कई आरोपों की पुष्टि होने के बाद विभाग ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
प्रधान सहायक भी जांच में दोषी
इस मामले में विभाग के प्रधान सहायक इमरान अहमद का नाम भी सामने आया। जांच में पाया गया कि वह भी कथित अनियमितताओं और विभागीय प्रक्रियाओं में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में शामिल थे। आरोप है कि विभाग में शिकायतों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर लाभ लेने की कोशिश की जाती थी। इसके अलावा ट्रांसफर, पोस्टिंग, निर्माण कार्यों और खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोप भी लगाए गए।
कर्मचारियों के उत्पीड़न का भी आरोप
इमरान अहमद पर विभागीय कर्मचारियों के उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण व्यवहार से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। जांच के दौरान कई बिंदुओं पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने उन्हें भी निलंबित करने का फैसला लिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी नियमों का उल्लंघन और पद का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शासन स्तर पर बढ़ी सख्ती
कार्रवाई के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। शासन स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों को अन्य स्थानों से संबद्ध किया गया है। विभागीय नियमों के तहत आगे की जांच भी जारी रहेगी।
और कर्मचारियों पर भी नजर
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।


