TRENDING TAGS :
वोटर लिस्ट में पकड़ा गया बड़ा खेल! UP में दो एसडीएमों पर गिरी गाज; 4 अफसरों का भी तबादला
UP Voter List Irregularities: यूपी के पीलीभीत में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी की जांच में पुष्टि के बाद दो एसडीएम हटाए गए हैं, जबकि चार अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र भी बदल दिए गए हैं।
Image Source- Social Media
UP Voter List Irregularities: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट (Voter List) में गड़बड़ी की शिकायतों और जांच में इसकी पुष्टि के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है। पीलीभीत (Pilibhit) में मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में दो एसडीएम को उनके मौजूदा क्षेत्र से हटा दिया गया है। दोनों अधिकारियों को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही चार अन्य उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची (Electoral Roll) से जुड़ा है। कांग्रेस ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दस्तावेजों के साथ वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि कुछ मतदाताओं के एपिक नंबर (EPIC Number) पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम और विवरण दिखाई दे रहा है।
शिकायत सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी से मामले की जांच कराई गई। जांच में कुछ मतदाताओं के एपिक नंबर को ऑनलाइन सर्च करने पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण सामने आने की पुष्टि हुई। इसके बाद चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
दो एसडीएम जिला मुख्यालय से संबद्ध
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद पीलीभीत के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गुरुवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया। अमरिया के उपजिलाधिकारी हेमंत चौधरी और पूरनपुर के उपजिलाधिकारी मयंक गोस्वामी को उनके पद और क्षेत्र से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के दौरान संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
दोनों अधिकारियों को फिलहाल फील्ड की जिम्मेदारियों से हटाया गया है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चार दूसरे अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी
पीलीभीत में केवल दो एसडीएम को हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रही। प्रशासन ने चार अन्य उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है।
पूरनपुर में उपजिलाधिकारी न्यायिक के पद पर तैनात राकुमार बैठा को अमरिया का उपजिलाधिकारी बनाया गया है। बीसलपुर के उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय को पूरनपुर में उपजिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं कलीनगर के उपजिलाधिकारी प्रमेश कुमार को बीसलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पीलीभीत में उपजिलाधिकारी न्यायिक के पद पर तैनात पवन कुमार को कलीनगर का उपजिलाधिकारी बनाया गया है।
जांच में सामने आई एपिक नंबर की गड़बड़ी
इस पूरे मामले में मुख्य शिकायत एपिक नंबर (EPIC Number) से जुड़ी है। जांच के दौरान कुछ मतदाताओं के एपिक नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण सामने आने की पुष्टि हुई है। चुनाव आयोग ने इस तरह की त्रुटियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश भी दिए हैं।
कांग्रेस ने इससे पहले पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव के आरोप लगाए थे। पार्टी ने दावा किया था कि कई मतदाताओं के एपिक नंबर और क्रम संख्या वही रहते हुए नामों में बदलाव किया गया। हालांकि, आयोग की शुरुआती जांच में आधिकारिक तौर पर एपिक नंबर से जुड़े रिकॉर्ड में दूसरे मतदाता का विवरण सामने आने की गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, जबकि कांग्रेस की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की अलग-अलग पुष्टि अभी नहीं मानी गई है।
पूरे यूपी में भी जांच के आदेश
पीलीभीत में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद मामला अब सिर्फ इसी जिले तक सीमित नहीं है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों में इसी तरह की त्रुटियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों से दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। यानी अब यह देखा जाएगा कि एपिक नंबर और मतदाता विवरण से जुड़ी ऐसी गड़बड़ी कहीं दूसरे विधानसभा क्षेत्रों या जिलों में भी तो नहीं है।
पीलीभीत में हुई कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। संबंधित रिकॉर्ड में गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।


