Varanasi: वाराणसी में अखिलेश के आपत्तिजनक पोस्टर पर मचा घमासान, रामनगर में सपा कार्यकर्ताओं का भारी बवाल

Akhilesh Yadav controversial poster Varanasi: वाराणसी के रामनगर में अखिलेश यादव के आपत्तिजनक पोस्टरों पर मचा बवाल! सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर किया प्रदर्शन, पोस्टर फाड़े और पुलिस को दी आंदोलन की चेतावनी। जानिए पूरे विवाद की अंदरूनी कहानी।

Harsh Srivastava
Published on: 10 May 2026 2:45 PM IST (Updated on: 10 May 2026 3:25 PM IST)
Varanasi: वाराणसी में अखिलेश के आपत्तिजनक पोस्टर पर मचा घमासान, रामनगर में सपा कार्यकर्ताओं का भारी बवाल
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Akhilesh Yadav controversial poster Varanasi: धर्म और राजनीति की नगरी वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक पोस्टर सड़कों पर देखे गए। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सपा नेताओं ने इसे सत्ता पक्ष की एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए जमकर नारेबाजी की। पार्टी का आरोप है कि यह न केवल उनके नेता का अपमान है, बल्कि सामाजिक न्याय और 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बढ़ती एकता को तोड़ने की एक नाकाम कोशिश है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश

समाजवादी पार्टी वाराणसी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। सपा नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव जिस तरह से पिछड़ों, दलितों और गरीबों के हक की आवाज उठा रहे हैं, उससे सरकार घबरा गई है। पार्टी का मानना है कि हाल ही में स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर सरकार को जिस तरह जनता के विरोध के आगे झुकना पड़ा, यह उसी की बौखलाहट है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले ही स्मार्ट मीटर के जरिए गरीब और मध्यम वर्ग की जेब काट रही थी, लेकिन जब जनता ने अखिलेश यादव के नेतृत्व में इसका विरोध किया, तो सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

मौके पर पहुंचे दिग्गज नेता और फाड़े गए पोस्टर

जैसे ही रामनगर स्थित पीएसी तिराहे पर आपत्तिजनक पोस्टरों की जानकारी मिली, सपा के महानगर अध्यक्ष (पिछड़ा प्रकोष्ठ) विवेक राकी, महिला सभा की अध्यक्ष संगीता पटेल और लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ आनंद के नेतृत्व में खिलाड़ियों और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भारी आक्रोश के बीच कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में ही उन विवादित पोस्टरों को फाड़कर जमीन पर फेंक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। सपा नेताओं ने साफ कहा कि उनके नेता की छवि धूमिल करने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाने में ज्ञापन और आंदोलन की कड़ी चेतावनी

हंगामे के बाद सपा कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल रामनगर थाना पहुंचा और थाना प्रभारी राजकिशोर पांडे को एक ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उन अराजक तत्वों की पहचान की जाए जिन्होंने शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए ये पोस्टर लगाए हैं। सपा ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। फिलहाल, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने यूपी की सियासत में एक बार फिर पोस्टर वॉर और जुबानी जंग को तेज कर दिया है।

Harsh Srivastava

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Mail ID - harshsri764@gmail.com

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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