बिस्मिल्लाह खान के नाम पर राजनीति अखिलेश को पड़ी भारी! परिवार वालों ने सपा चीफ के खिलाफ खोला मोर्चा

Bismillah Khan House Controversy: बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने खारिज कर दिया है। जानिए म्यूजियम और मकान के पुनर्निर्माण को लेकर पूरा विवाद।

Sawan Gupta
Published on: 7 Nov 2026 10:23 PM IST
Image Source – Social Media
X

Image Source – Social Media

Bismillah Khan House Controversy: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अभी से नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप और सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। दोनों पार्टियां एक दूसरे पर पलटवार करने से पीछे नहीं हट रही हैं। इसी कड़ी में भारत रत्न और शहनाई के महान कलाकार उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के वाराणसी स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव विवादों में घिर गए हैं। अखिलेश यादव ने मकान पर बुलडोजर चलाए जाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था, लेकिन अब बिस्मिल्लाह खान के परिवार ने ही उनके दावे को खारिज कर दिया है। परिवार के इस बयान के बाद सियासी विवाद और गहरा गया है।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए थे गंभीर आरोप

दरअसल अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर बिस्मिल्लाह खान के पुराने मकान का एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने इस वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया था कि भारत रत्न से सम्मानित कलाकार की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा था “बीजेपी और उसकी विचारधारा से जुड़े लोग कला और कलाकारों के खिलाफ हैं। बिस्मिल्लाह खान जैसी महान हस्ती की साझा विरासत को ध्वस्त करना उनके सम्मान के साथ-साथ देश के सम्मान को भी नुकसान पहुंचाने जैसा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बिस्मिल्लाह खान की सांगीतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए 'श्रवण संग्रहालय' बनाया जाएगा।“

बिस्मिल्लाह खान के परिवार ने अखिलेश यादव के दावे को बताया गलत

हालांकि अखिलेश यादव अब अपने इस बयान पर घिरते हुए नजर आ रहे हैं। उनके आरोपों के बाद बिस्मिल्लाह खान के परिवार के सदस्य सामने आए और उन्होंने सपा प्रमुख के दावे पर आपत्ति जताई। परिवार के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनके पुश्तैनी मकान पर किसी सरकारी बुलडोजर की कार्रवाई नहीं हुई है। बिस्मिल्लाह खान के पोते सिफ्तेन हुसैन और अफाक हैदर के मुताबिक, मकान काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। इसी वजह से परिवार ने आपसी सहमति से उसके पुनर्निर्माण का फैसला लिया। परिवार खुद अपने खर्च पर मकान को नया रूप दे रहा है। परिवार ने यह भी कहा कि उनका इलाका काफी संकरी गलियों में बसा है, जहां बुलडोजर का पहुंचना भी मुमकिन नहीं है। संभव है अखिलेश यादव को इस मामले में गलत जानकारी मिली हो, जिसके आधार पर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

पुश्तैनी मकान में बनेगा बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम

परिवार के मुताबिक, मकान के पुनर्निर्माण के बाद ग्राउंड फ्लोर पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम बनाया जाएगा। यहां उनकी यादों और सांगीतिक विरासत को संरक्षित करने की योजना है। वहीं, पहली मंजिल पर परिवार के रहने की व्यवस्था होगी। परिवार ने साफ किया कि इस निर्माण कार्य के लिए किसी तरह की सरकारी आर्थिक मदद नहीं ली गई है। हालांकि, अगर सरकार उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए सहयोग करना चाहती है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।

नगर निगम ने भी अखिलेश यादव के आरोपों पर दिया जवाब

इस पूरे विवाद पर वाराणसी नगर निगम ने भी अपना पक्ष रखा है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, शहर की प्रमुख हस्तियों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए निगम ने एक योजना तैयार की थी। इसके तहत उनकी आवासीय जगहों के आसपास की सड़कों को उनके जीवन और योगदान से जुड़ी थीम पर विकसित करने और घरों के एक हिस्से में संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव था।

नगर निगम ने बिस्मिल्लाह खान के परिवार से भी उनके आवास पर म्यूजियम बनाने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन परिवार ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी। इसके बाद परिवार ने खुद मकान का पुनर्निर्माण कराने का फैसला किया। नगर निगम ने साफ किया कि मकान तोड़ने की कार्रवाई में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

मुद्दे पर राजनीतिक बयान हो सकते हैं तेज

बिस्मिल्लाह खान के मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ अखिलेश यादव ने इसे कलाकार और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जुड़ा मामला बताया है, वहीं दूसरी तरफ परिवार और प्रशासन ने मकान के पुनर्निर्माण को निजी फैसला बताया है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव ने इस मामले में पूरी जानकारी के बिना बीजेपी पर निशाना साधा? फिलहाल परिवार के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

Sawan Gupta
ABOUT THE AUTHOR

Sawan Gupta

Mail ID - sawangupta.30@gmail.cominfo@newstrack.com

सावन गुप्ता 10 साल से ज्यादा समय से पत्रकारिता में हैं। स्पोर्ट्स, मनोरंजन, पॉलिटिक्स और क्राइम से संबंधित खबरों में उनकी विशेष रुचि है। सावन ने पत्रकारिता में एडवांस डिप्लोमा किया है और वे कई अग्रणी समाचार संस्थानों में काम कर चुके हैं।

Next Story