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Varanasi Viral Video: काशी में हंसराज विश्वकर्मा के स्वागत में उतरा बुलडोज़र! गाड़ियों के काफिले से लगा भीषण जाम, भूल गए PM की अपील?
Varanasi Viral Video: काशी में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के स्वागत में बुलडोजर और गाड़ियों के लंबे काफिले से लगा भीषण जाम! PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बीच वायरल वीडियो ने खड़ा किया नया विवाद। जानिए पूरा मामला।
Varanasi Viral Video: धर्मनगरी काशी में इन दिनों सियासत का पारा चढ़ा हुआ है, लेकिन इस बार वजह कोई चुनाव नहीं, बल्कि योगी सरकार के नवनियुक्त मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का 'शाही' स्वागत है। पश्चिम एशिया संकट के बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की भावुक अपील की थी, वहीं उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उनके मंत्री के स्वागत में उमड़े वाहनों के रेले और बुलडोजरों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। लखनऊ से पहली बार मंत्री बनकर सड़क मार्ग से काशी पहुंचे हंसराज विश्वकर्मा का स्वागत इतना भव्य रहा कि विपक्ष को सरकार को घेरने का बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।
एयरपोर्ट से आवास तक वाहनों का रेला
10 मई को योगी मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल हुए वाराणसी बीजेपी के जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा जब लखनऊ से वाराणसी पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर था। बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर उनके कंचनपुर स्थित आवास तक स्वागत का ऐसा सिलसिला चला कि सड़क पर गाड़ियां कम और जाम ज्यादा नजर आया। इस दौरान काफिले में दर्जनों चार पहिया वाहन शामिल थे, जो प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की मुहिम को ठेंगा दिखाते नजर आए। सबसे ज्यादा चर्चा मंडुआडीह इलाके की हो रही है, जहां कार्यकर्ताओं ने स्वागत के लिए बुलडोजर तक उतार दिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बुलडोजर और लग्जरी गाड़ियों की लंबी कतार साफ देखी जा सकती है, जिसने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
जाम में फंसी जनता, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
मंत्री के इस शक्ति प्रदर्शन का खामियाजा वाराणसी की आम जनता को भुगतना पड़ा। अर्दली बाजार से लेकर मंडुआडीह तक कई घंटों तक भीषण जाम लगा रहा, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग और स्कूली बच्चे परेशान होते रहे। जैसे ही स्वागत की तस्वीरें इंटरनेट पर आईं, आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया। यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कम पेट्रोल-डीजल खर्च करने की बात कर रहे हैं, वहीं उनके ही जिले के मंत्री इतने बड़े काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष ने भी इसे सत्ता का अहंकार बताते हुए कहा कि बीजेपी के कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
सत्ता का जश्न बनाम PM की नसीहत
हंसराज विश्वकर्मा को उन पांच भाग्यशाली चेहरों में जगह मिली है जिन्हें हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। लेकिन उनके पहले ही आगमन ने विवादों का साया पैदा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुलडोजर का इस्तेमाल अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए जीत और जश्न का प्रतीक बन गया है। हालांकि, काशी की जनता के बीच इस बात की चर्चा आम है कि क्या इस तरह के खर्चीले और दिखावे वाले आयोजनों से प्रधानमंत्री मोदी के सादगी वाले संदेश की धज्जियां नहीं उड़ रही हैं? अब देखना यह है कि इस विवाद पर संगठन क्या रुख अपनाता है।


