Varanasi News: काशी पहुंचेगा 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल, निवेश से पर्यटन तक बढ़ेगा यूपी-जापान सहयोग

Varanasi News: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल काशी पहुंचेगा। सारनाथ, गंगा आरती और काशी की संस्कृति से रूबरू होने के साथ निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल में सहयोग पर जोर रहेगा।

Newstrack Network
Published on: 21 Aug 2026 9:52 PM IST (Updated on: 21 Aug 2026 9:53 PM IST)
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 Varanasi News (Image Credit-Newstrack)

वाराणसी,21 अगस्त। जापान की ‘उगते सूरज की धरती’ और काशी की आध्यात्मिक सुबह अब भारत-जापान के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को औद्योगिक सहयोग की नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। योगी सरकार उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की संस्कृति, धर्म और कला तथा काशी की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के प्रयास कर रही है।

आज (22 अगस्त) करीब 109 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय दौरे पर धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी पहुंचेगा। जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर के माननीय गवर्नर के नेतृत्व में आ रहे इस प्रतिनिधिमंडल में जापान की प्रमुख कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारी और सीईओ शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल के वाराणसी दौरे से उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने के साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

जापानी प्रतिनिधिमंडल भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण करेगा, विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती और काशी की कला-संस्कृति से रूबरू होगा। इस दौरान मेहमानों को काशी की सदियों पुरानी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और हस्तशिल्प परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी।

सारनाथ का भ्रमण और गंगा आरती देखेगा जापानी दल

22 अगस्त को दोपहर में वाराणसी पहुंचने के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल हाल ही में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुई तथागत की तपोस्थली सारनाथ का भ्रमण करेगा । इसके बाद दल नमो घाट पर गंगा आरती का अद्भुत दृश्य देखेगा। शाम को ताज होटल में डिनर के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारतीय संस्कृति, कला और हस्तशिल्प से परिचित होंगे।23 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों में से कुछ लोग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, जबकि अन्य सदस्य एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।

निवेश और औद्योगिक सहयोग पर रहेगा जोर

उत्तर प्रदेश मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सरल औद्योगिक नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, अवसंरचना, पर्यटन और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशना है।

यह दौरा उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ ही भारत-जापान, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रिफेक्चर के बीच औद्योगिक सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

जीआई और ओडीओपी उत्पादों के लगेंगे स्टॉल, दिखेगी काशी की सांस्कृतिक विरासत

जापानी मेहमानों को काशी की सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा से परिचित कराने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और जीआई उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन कार्विंग , वुडन लैकरवेयर एंड टॉयज (लकड़ी के खिलौने ) और बनारसी सिल्क साड़ी समेत अन्य स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

इसके साथ ही मेहमानों के लिए भारतीय संगीत और नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। कार्यक्रम में कथक, लोकनृत्य और वाद्य-वृंद के माध्यम से भारत और काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक प्रस्तुत की जाएगी। इस तरह जापानी प्रतिनिधिमंडल का काशी दौरा सिर्फ निवेश और औद्योगिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गंगा की आध्यात्मिक धारा, सारनाथ की बौद्ध विरासत और काशी की कला-संस्कृति के माध्यम से भारत-जापान के रिश्तों को एक नया सांस्कृतिक आयाम भी देगा।

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