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Varanasi Cricket Stadium: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस के लोग अब देख सकेंगे क्रिकेट के मैच
Varanasi International Cricket Stadium: आईपीएल के अगले सीजन से पांच मैच ही लखनऊ में होंगे। हर सीजन के दो मैच बनारस स्टेडियम में करना अनिवार्य होगा।
Varanasi International Cricket Stadium
Varanasi International Cricket Stadium: जल्द ही बनारस क्रिकेट प्रेमियों के एक नये मुक़ाम के रुप में स्थापित होगा। आईपीएल के अगले सीजन से पांच मैच ही लखनऊ में होंगे। हर सीजन के दो मैच बनारस स्टेडियम में करना अनिवार्य होगा।जल्द ही आईपीएल की सभी टीमों के मैनेजर बनारस स्टेडियम का दौरा करने वाले हैं। ग़ौरतलब है कि सात मैचों वाले एक आईपीएल सीजन के लिए सभी टीमों के प्रबंधन की ओर से स्टेडियम के मालिक को पंद्रह करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। तकरीबन छह करोड़ रुपये साज सज्जा व अन्य मैनेजमेंट पर व्यय होते हैं। वैसे तो बनारस स्टेडियम में इसी साल मैच कराने का प्रशासन का दबाव था। पर स्टेडियम में लगने वाली त्रिशूल लाइट के समय पर न मिलने की वजह से इस सीजन में वहां मैच कराने की विवशता से आईपीएल टीमों के प्रबंधन ने राहत की साँस ली।
अब सवाल यह उठता है कि काशी के गांजरी, राजातालाब में बने इस स्टेडियम में लगने वाली त्रिशूल लाइट का क्या मतलब है। इस स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूरा वास्तुशिल्प है। जो काशी और भगवान शिव की प्रतीकात्मक छवियों पर आधारित है। इसके फ्लडलाइट टावर त्रिशूल (Trishul) के आकार के बनाए गए हैं।स्टेडियम की छत पर अर्ध चंद्र की आकृति दिखाई देगी।मीडिया सेंटर डमरू के आकार का बनाया गया है।बाहरी मुखौटे में बेलपत्र की आकृतियों का उपयोग किया गया है। बैठने की व्यवस्था काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों की सीढ़ियों से प्रेरित है।इससे स्टेडियम को धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के साथ विशिष्ट स्वरूप मिलता है।
यप्रारंभिक क्षमता लगभग 30,000 दर्शकों की है।भविष्य में इसे बढ़ाकर लगभग 40,000 तक किया जा सकता है। आईसीसी मानकों के अनुरूप मुख्य मैदान तैयार किया गया हैं। 9 मुख्य पिचें और अलग अभ्यास पिचें हैं। अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम ताकि बारिश के बाद भी जल्दी खेल शुरू हो सके।वीआईपी, वीवीआईपी, मीडिया और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई है।
स्टेडियम का निर्माण लगभग ₹450 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।यह पूर्वांचल का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र है।
इसे केवल क्रिकेट मैदान नहीं। बल्कि एक पर्यटन आकर्षण के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।काशी आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक नया लैंडमार्क होगा। भारत में कई आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम हैं। लेकिन काशी का यह स्टेडियम संभवतः पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है जिसकी पूरी वास्तुकला किसी धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकवाद पर आधारित है। इसलिए इसे अक्सर ‘शिव-थीम क्रिकेट स्टेडियम’ भी कहा जाता है। इस स्टेडियम की एक और खास बात यह है कि इसके शुरू होने के बाद पूर्वांचल के क्रिकेट खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी।


