Varanasi News: वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों को राहत, 48 नाव और NDRF की टीमें तैनात; किसानों को मुआवजे की तैयारी

Varanasi News: वाराणसी में CM योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने बताया कि अब 26 सामानों वाली 50 किलो की राहत किट दी जा रही है और 1,129 किसानों की 131 हेक्टेयर जलमग्न जमीन का सर्वे कराया जा रहा है।

Newstrack Network
Published on: 5 Sept 2026 9:28 PM IST (Updated on: 5 Sept 2026 9:29 PM IST)
Varanasi News
X

Varanasi News (Image Credit-Newstrack)

लखनऊ/वाराणसी, 5 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के विद्या विहार इंटर कॉलेज में आयोजित बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ प्रभावितों को राहत देने की व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहां बाढ़पीड़ितों को सूखी ब्रेड तक सीमित राहत मिलती थी, वहीं अब प्रभावित परिवारों को 26 प्रकार के सामान वाली 50 किलो की राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की जिन फसलों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कराया जा रहा है और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं।

10 साल पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे

सीएम योगी ने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे। इसी दौरान प्रदेश के कई जिलों में मस्तिष्क ज्वर के कारण बच्चों की मौत की घटनाएं भी सामने आती थीं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन, जनप्रतिनिधि और राहत दल सक्रिय हैं। उनके मुताबिक इस वर्ष प्रदेश में करीब 14 जिलों में बाढ़ का पानी पहुंचा है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।

'पहले सूखी ब्रेड, अब 50 किलो की राहत किट'

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की राहत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय बाढ़ प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत सामग्री नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि अब सरकार की ओर से प्रत्येक प्रभावित परिवार को करीब 50 किलो की किट में 26 तरह की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

सीएम ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कहा कि जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी योजनाएं लागू होती हैं, लूट-खसोट पर रोक लगती है और गरीबों को उनका अधिकार मिलता है।

राहत किट में आटा, चावल से लेकर दवा तक की जरूरत का सामान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत किट में खाद्य सामग्री के साथ रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी शामिल है।

किट में ढाई किलो लाई, 2 किलो कच्चा चना, 2 किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, नहाने के दो साबुन, ढक्कन वाली बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो अरहर दाल और 10 किलो आलू शामिल हैं।

इसके अलावा हल्दी, मिर्च व मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़े धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन भी किट में उपलब्ध कराया जा रहा है।

24 घंटे में मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की मदद

सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के दौरान डूबने, आकाशीय बिजली गिरने, मकान गिरने, सांप-बिच्छू या अन्य कारणों से होने वाली जनहानि को भी आपदा राहत के दायरे में शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की आपदा में मौत होती है तो प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इसी तरह बाढ़ या आग से किसी गरीब का मकान क्षतिग्रस्त या नष्ट होने पर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

वाराणसी में 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित

मुख्यमंत्री के मुताबिक वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें कुल 2,486 लोग शामिल हैं। प्रभावित लोगों के लिए 21 राहत शिविरों में रहने की व्यवस्था की गई है।

बचाव कार्यों के लिए 48 नावों के साथ एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप भी लगाए जा रहे हैं। जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने के साथ मुफ्त दवाएं भी दी जा रही हैं।

1,129 किसानों की 131 हेक्टेयर जमीन जलमग्न

बाढ़ से कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान को लेकर भी प्रशासन ने सर्वे शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी में 1,129 किसानों की करीब 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है। प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर किसानों को राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

वरुणा नदी के बैक फ्लो से निचले इलाकों में जलभराव

सीएम योगी ने कहा कि जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी में बैक फ्लो की स्थिति बनती है। इसके कारण निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा होती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में वाराणसी में बाढ़ और जलजमाव से निपटने के लिए कई स्तर पर काम किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने काशी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, घाटों के विकास, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़कों के चौड़ीकरण और रिंग रोड समेत बाढ़ नियंत्रण के उपायों का असर अब दिखाई दे रहा है।

'डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है'

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन को प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

Newstrack Network
ABOUT THE AUTHOR

Newstrack Network

Newstrack Desknewstracknetwork@gmail.com

Newstrack is one of the most Trusted and Popular news portal of India. Remain updated and aware, only on Newstrack

Next Story