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वाराणसी में MLC काउंटिंग पर बवाल! सपा की बढ़त देख भड़के भाजपाई, पुलिस से भिड़े; मतगणना रुकी
UP MLC Election 2026 Varanasi: वाराणसी स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की बढ़त के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा। पुलिस से भिड़ंत, प्रेक्षक को हटाने की मांग और मतगणना पर विवाद।
UP MLC Election Varanasi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बीच सियासी पारा चढ़ गया। शिक्षक सीट पर सपा की जीत और स्नातक सीट पर भाजपा उम्मीदवार के पिछड़ने से नाराज भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। धांधली का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ता अपनी ही पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और धरने पर बैठ गए। हालात बिगड़ते देख स्नातक सीट की मतगणना रोक दी गई। भाजपाइयों ने चुनाव आयोग से प्रेक्षक प्रांजल यादव को हटाने की मांग की है।
वाराणसी में MLC चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित होते नजर आए। शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव की जीत के बाद स्नातक सीट पर भी सपा प्रत्याशी आशुतोष सिंह ने बढ़त बना रखी थी। पांचवें राउंड तक आशुतोष सिंह भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह से 12,662 वोटों से आगे चल रहे थे। सपा की लगातार बढ़त ने भाजपा खेमे की बेचैनी बढ़ा दी और मतगणना केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया।
सपा की बढ़त से भड़के भाजपाई, प्रशासन पर लगाए आरोप
मतगणना के दौरान सपा उम्मीदवार की बढ़त बढ़ती गई तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पांचवें राउंड की गिनती के दौरान विरोध तेज हो गया। भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि प्रेक्षक प्रांजल यादव कथित तौर पर चुनाव में धांधली कर सपा प्रत्याशी को फायदा पहुंचा रहे हैं। इसी आरोप के साथ भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और प्रेक्षक को हटाने की मांग करने लगे।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। हंगामे के बीच स्नातक सीट की मतगणना रोक दी गई। हालांकि, धांधली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम नतीजे की आधिकारिक घोषणा होने तक स्नातक सीट पर सपा की जीत को तय मानना जल्दबाजी होगी।
शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र को हराकर जीत दर्ज की। उपलब्ध मतगणना आंकड़ों के मुताबिक, लाल बिहारी यादव को कुल 10,958 वोट मिले, जबकि डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र को 6,060 वोट हासिल हुए। इस तरह शिक्षक सीट पर सपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
अब सबकी निगाहें स्नातक सीट के अंतिम परिणाम पर टिकी हैं। यहां आशुतोष सिंह की बढ़त ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि यह बढ़त जीत में बदलती है, तो वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटों पर सपा का कब्जा बरकरार रह सकता है।
आठ जिलों में फैला है वाराणसी MLC निर्वाचन क्षेत्र
वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी के अलावा चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.11 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 69.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
स्नातक सीट पर 24 और शिक्षक सीट पर 10 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना के दौरान सामने आए रुझानों ने पूर्वांचल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। खासकर प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में शिक्षक सीट गंवाने और स्नातक सीट पर पिछड़ने से भाजपा की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, स्नातक सीट का अंतिम परिणाम और मतगणना दोबारा शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
ताजा अपडेट: चौथे राउंड में भी सपा आगे
28 अक्टूबर की ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वाराणसी स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की बढ़त चौथे राउंड में भी कायम रही। मतगणना में कथित गड़बड़ी और परिणामों की जानकारी सार्वजनिक करने में देरी को लेकर पहले सपा की ओर से भी सवाल उठाए गए थे। बाद में भाजपा नेताओं के विरोध और पुलिस के साथ धक्कामुक्की की खबरें सामने आईं।
इस बीच, शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत घोषित हो चुकी है, जबकि स्नातक सीट पर अंतिम परिणाम की आधिकारिक पुष्टि होने तक आशुतोष सिन्हा को विजेता घोषित नहीं किया जा सकता।


