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Varanasi में भयंकर बवाल! पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंची पल्लवी पटेल, BHU गेट से पुलिस ने किया गिरफ्तार
Pallavi Patel Varanasi Protest: देशभर में फैले पेपर लीक मामले को लेकर वाराणसी में बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। BHU लंका गेट पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने अड़ीं अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कई नेता हाउस अरेस्ट किए गए हैं।
Pallavi Patel Varanasi Protest: नीट परीक्षा में हुए महाघोटाले और लगातार लीक हो रहे प्रश्नपत्रों के खिलाफ सोमवार को धर्मनगरी वाराणसी में राजनीति का सबसे हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अपना दल (कमेरावादी) की कद्दावर नेता और सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल की अगुवाई में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मुख्य सिंहद्वार पर एक बहुत बड़ा और आक्रामक प्रदर्शन हुआ। इस आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस प्रशासन ने रविवार रात से ही नाकेबंदी कर रखी थी, लेकिन जुझारू विधायक पल्लवी पटेल ने फिल्मी अंदाज में अपना चेहरा कपड़े से बांधा और खाकी वर्दी के तगड़े पहरे को चकमा देकर सीधे बीएचयू गेट पर प्रकट हो गईं। पल्लवी पटेल को अपने बीच पाकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने वहीं से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय की तरफ कूच करना शुरू कर दिया।
लेखपाल और UPSI धांधली पर फूटा गुस्सा
बीएचयू गेट पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने केवल नीट परीक्षा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की लेखपाल भर्ती और यूपीएसआई जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर भी राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। अपना दल (कमेरावादी) के नेताओं ने साफ कहा कि यह लड़ाई देश के करोड़ों होनहार छात्रों के भविष्य को बचाने की है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने पांच बड़ी मांगें रखीं, जिसमें नीट घोटाले की जांच सीबीआई और न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में कराने, लेखपाल भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दोबारा आयोजित करने और यूपीएसआई परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए तुरंत स्कोरकार्ड जारी करने की बात प्रमुख थी। इसके साथ ही युवाओं ने मांग की कि पेपर लीक माफियाओं के नाम चौराहों पर सार्वजनिक किए जाएं और दोषी एनटीए अधिकारियों पर रासुका लगाकर उन्हें सीधे जेल भेजा जाए।
पल्लवी पटेल समेत दर्जनों बड़े नेता गिरफ्तार
जैसे ही आंदोलनकारियों का हुजूम प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ बढ़ने लगा, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और पल्लवी पटेल के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। बिना अनुमति के जुलूस निकालने का हवाला देते हुए पुलिस ने पल्लवी पटेल, प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव एडवोकेट, राजेश प्रधान, रामशिला पटेल, अजय सिंह और दिलीप पटेल समेत बड़ी संख्या में लोगों को जबरन हिरासत में ले लिया। पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी, वहीं इस गिरफ्तारी के बाद पूरे पूर्वांचल के युवाओं में आक्रोश भड़क गया है।
आधी रात को पुलिस को ऐसे दिया गच्चा
इस बड़े आंदोलन को रोकने के लिए वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर भारी फोर्स तैनात की गई थी। खुफिया इनपुट मिलते ही रविवार की देर रात जब पल्लवी पटेल लखनऊ से जौनपुर के रास्ते वाराणसी आ रही थीं, तब पुलिस की एक बड़ी टीम ने उन्हें जौनपुर बॉर्डर पर ही रोक लिया था। रात के अंधेरे में पुलिस को लगा कि उन्होंने विधायक को काबू कर लिया है, लेकिन पल्लवी पटेल बेहद शातिर तरीके से पुलिस के जाल से निकलकर बनारस की सीमा में दाखिल होने में कामयाब रहीं। शहर के भीतर भी पुलिस ने आंदोलन को कमजोर करने के लिए सुबह-सुबह ही पार्टी के कई दिग्गज पदाधिकारियों और मुख्य कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया था, पर सिंहद्वार पर मचे हड़कंप ने प्रशासन की सारी तैयारियों की पोल खोलकर रख दी।


