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वाराणसी में दर्दनाक हादसा! तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने 10वीं की छात्रा को मारी टक्कर, ICU में 24 घंटे बाद तोड़ा दम
Varanasi School Girl Accident: वाराणसी के रोहनिया में तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से 10वीं की छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। ICU में करीब 24 घंटे इलाज के बाद 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई। परिवार ने आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Varanasi School Girl Accident: वाराणसी से सामने आई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। रोहनिया थाना क्षेत्र के अमरा खैरा चक चौराहे पर स्कूल से घर लौट रही 10वीं की छात्रा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। हादसा इतना गंभीर था कि छात्रा को बचाने के लिए डॉक्टरों ने करीब 24 घंटे तक पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार 21 अगस्त 2026 की सुबह उसकी जिंदगी की जंग खत्म हो गई। जिस बेटी के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम पसर गया।
स्कूल से निकली, घर नहीं पहुंची
जानकारी के मुताबिक, कंचनपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में 10वीं कक्षा सेक्शन A में पढ़ने वाली छात्रा 20 अगस्त 2026 की दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी साइकिल से घर के लिए निकली थी। रोज की तरह वह अपने रास्ते से वापस लौट रही थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में एक अनियंत्रित भारी वाहन उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देगा। करीब 2 बजे अमरा खैरा चक चौराहे पर पहुंचते ही मानवी हादसे का शिकार हो गई।
मंदिर के पास तेज टक्कर
पीड़ित परिवार की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, अमरा खैरा चक स्थित हनुमान मंदिर के पास सामने से एक ट्रैक्टर आया। ट्रैक्टर का पंजीयन नंबर UP 65FA 8729 बताया गया है। आरोप है कि ट्रैक्टर पर लोहे और ईंटों जैसी भारी सामग्री लदी थी और चालक उसे तेज रफ्तार में चला रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर ने छात्रा की साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए और छात्रा सड़क पर जा गिरी जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
हादसे के बाद मौके का मंजर बेहद डरावना बताया जा रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छात्रा के सड़क पर गिरने के बाद भी चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे आगे बढ़ा दिया और छात्रा को कुचलते हुए मौके से भागने की कोशिश की। यह देखकर आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने भाग रहे ट्रैक्टर का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे घेर लिया। लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस को सूचना दी और मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई।
पिता पहुंचे तो बेटी लहूलुहान थी
घटना की खबर मिलते ही मानवी के पिता संजय कुमार मिश्रा करीब 10 मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंचे। सामने बेटी की हालत देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्रा को ऑटो रिक्शा से BLW अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन छात्रा की हालत बेहद गंभीर थी। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भीरखारीपुर स्थित एपेक्स अस्पताल रेफर किया गया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से बेटी की हालत सुधरेगी और वह फिर घर लौट आएगी।
24 घंटे तक जिंदगी की जंग
एपेक्स अस्पताल में छात्रों को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम ने पूरी कोशिश की। छात्रा को गहन चिकित्सा कक्ष यानी कि ICU में रखा गया और करीब 24 घंटे तक इलाज चलता रहा। परिवार की आंखें हर पल किसी अच्छी खबर का इंतजार करती रहीं, लेकिन 21 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक सड़क हादसे ने एक परिवार से उसकी बेटी छीन ली और उसके साथ जुड़े तमाम सपने भी अधूरे रह गए।
पिता ने मांगा इंसाफ
बेटी की मौत के बाद टूट चुके पिता संजय कुमार मिश्रा ने 23 अगस्त 2026 को रोहनिया थाने में लिखित तहरीर दी। उन्होंने ट्रैक्टर संख्या UP 65FA 8729 के चालक के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इतना ही नहीं, परिवार ने मामले में तेजी से कार्रवाई और न्याय की उम्मीद में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP को भी व्हाट्सएप के जरिए पूरे घटनाक्रम की जानकारी भेजी है।
अब सबसे बड़ा सवाल
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब परिवार की नजर जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह भी है कि आखिर सड़कों पर भारी सामान से लदे वाहन कितनी रफ्तार से चल रहे हैं और उनकी निगरानी कितनी गंभीरता से हो रही है? एक होनहार छात्रा की जिंदगी चली गई, लेकिन इस हादसे से जुड़े सवाल अब भी बाकी हैं। वो मासूम वापस नहीं लौट सकती लेकिन अगर इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय होती है और लापरवाही पर सख्ती होती है, तो शायद किसी दूसरे परिवार को ऐसी दर्दनाक खबर न सुननी पड़े।


