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वाराणसी में 'वोट जिहाद' पर बवाल! मंत्री रविंद्र जायसवाल का बड़ा दावा - 9000 फर्जी वोटर पकड़े गए, DM से की जांच की मांग
Varanasi vote jihad controversy: उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 'वोट जिहाद' जैसे गंभीर शब्द का प्रयोग किया है।
Varanasi vote jihad controversy (photo: social media)
Varanasi vote jihad controversy: उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 'वोट जिहाद' जैसे गंभीर शब्द का प्रयोग किया है। उन्होंने दावा किया है कि तकरीबन 9000 ऐसे मतदाताओं के नाम चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने दो से लेकर पांच अलग-अलग स्थानों पर अपना नाम दर्ज करा रखा है। मंत्री ने इससे जुड़े मामले में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को सूची सौंपते हुए आधार कार्ड से सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की है।
मामले पर मंत्री जायसवाल ने क्या कहा ?
सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह मामला साधारण त्रुटि का नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है। उनके अनुसार भारतीय जनता पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने SIR की अंतिम सूची जारी होने के बाद गहन जांच की, जिसमें ये कथित अनियमितताएं सामने आईं।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई महिलाओं के नाम ऐसे पाए गए हैं, जिनकी आयु 30 से 40 वर्ष से ज्यादा है, लेकिन वे अब भी अपने पिता के नाम से मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। उन्होंने दावा किया कि इन महिलाओं के नाम अन्य बूथों पर भी दर्ज पाए गए हैं, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
प्रधानमंत्री मोदी से भी लगाई गुहार
रविंद्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां लोकतंत्र की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। उन्होंने इसे केवल तकनीकी गड़बड़ी न मानते हुए एक "संगठित साजिश" बताया। मंत्री ने कहा, "यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश है। प्रशासन को तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"
अनियमितताओं पर रोक लगाना जरूरी
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि संदिग्ध मतदाताओं की पहचान कर आधार से मिलान कराया जाए और जिन लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मंत्री का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।
वाराणसी के सियासी हलचल तेज
इस आरोप के बाद वाराणसी के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। स्थानीय स्तर पर भी मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होना नियमों के खिलाफ है। हालांकि, ऐसे मामलों में तकनीकी त्रुटियां या स्थानांतरण की स्थिति भी कारण हो सकती है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मंत्री जायसवाल की अपील
मंत्री जायसवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित हो।
अब सब की नज़रें जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर जांच में मंत्री के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला चुनावी प्रक्रिया में बड़े सुधार की दिशा में कदम साबित हो सकता है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। फिलहाल वाराणसी में यह मुद्दा चुनावी माहौल का केंद्र बन गया है।


