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विनोद साहनी हत्याकांड पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- ‘आपराधिक त्रिगुट’ है भाजपा
गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। संजय निषाद के धरने के बीच तीन आरोपी गिरफ्तार और तीन पुलिसकर्मी निलंबित।
Gonda Vinod Sahani Murder: गोंडा में निषाद पार्टी कार्यकर्ता और व्यापारी विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने लखनऊ के KGMU में धरना दिया। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार की तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा का राज सत्ता सजातीयों के ‘दंभ, घमंड, अहंकार’ का आपराधिक त्रिगुट है। उन्होंने कहा कि सत्ता के साथ रहने वालों को भाजपा में दिखावे का पद मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपाई वर्चस्ववादी अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए किसी की हत्या तक कर सकते हैं और किसी को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ा बढ़ रही है, इसलिए पीडीए और उसकी एकता भी मजबूत हो रही है।
क्या है विनोद साहनी हत्याकांड?
गोंडा के पारसपुर क्षेत्र में विनोद साहनी पर हमला हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें लखनऊ के KGMU लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में संजय निषाद ने आरोप लगाया था कि विनोद पर गोली और चाकू से हमला किया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने कहा कि शरीर पर गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, लाठी से की गई पिटाई में लगी गंभीर चोटें मौत की वजह बनीं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पारसपुर के थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी और एक कांस्टेबल को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने विभागीय कार्रवाई भी शुरू की है। मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने विनोद पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया। पुलिस इसी विवाद को हमले की पृष्ठभूमि से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, पूरे मामले की जांच अभी जारी है।
KGMU में धरने पर बैठे संजय निषाद
विनोद साहनी की मौत की सूचना के बाद संजय निषाद KGMU पहुंचे और मृतक के परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की।
धरने में विपक्षी नेताओं के पहुंचने से मामला और राजनीतिक हो गया। सपा ने घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
विनोद साहनी मामले में अखिलेश यादव का बयान ऐसे समय आया है जब निषाद पार्टी, जो भाजपा की सहयोगी है, अपने ही कार्यकर्ता की मौत को लेकर सरकार पर कार्रवाई का दबाव बना रही है।
अखिलेश ने इस घटना को सीधे पीडीए की राजनीति से जोड़ते हुए भाजपा पर जातीय वर्चस्व और सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस हमले की पूरी वजह, सभी आरोपियों की भूमिका और पुलिस की कथित लापरवाही पर है।


