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अपने ही सरकार के खिलाफ संजय निषाद! गोंडा हत्याकांड के बाद सर्किट हाउस पहुंचे मंत्री, SP पर भड़के
Vinod Sahani Murder Case: गोंडा में निषाद समाज के नेता विनोद साहनी की हत्या के बाद मंत्री संजय निषाद ने पुलिस फोर्स की तैनाती पर नाराजगी जताई। अखिलेश यादव ने हाई लेवल जांच की मांग की है।
Sanjay Nishad
Vinod Sahani Murder Case: परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव निवासी बर्तन व्यापारी, निषाद समाज के नेता और वीआईपी पार्टी से जुड़े विनोद कुमार साहनी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत के बाद मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। विनोद साहनी की मौत को लेकर निषाद समाज में आक्रोश है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद खुद गोंडा पहुंचे और सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई।
सर्किट हाउस पहुंचे संजय निषाद, पुलिस फोर्स देखकर भड़के
विनोद साहनी की हत्या के बाद मंत्री संजय निषाद सर्किट हाउस पहुंचे। यहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी को देखकर उन्होंने गोंडा के एसपी अभिषेक से नाराजगी जताई।
संजय निषाद ने पुलिस अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा-
“अरे इतना फोर्स क्यों लगा दिए हो यहाँ पे? पूरे सर्किट हाउस को चारों तरफ से घेर लिए हो। ये सरकार की छवि खराब कर रहे हो आप लोग। इतना फोर्स लगा के क्या दिखाना चाहते हो?”
मंत्री का यह तेवर अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल उठ रहा है कि क्या विनोद साहनी की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई से निषाद समाज संतुष्ट नहीं है?
सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की वजह?
पुलिस के मुताबिक विनोद साहनी सोशल मीडिया पर निषाद समाज से जुड़े मुद्दों और कथित अन्याय को लेकर लगातार पोस्ट करते थे। इसी को लेकर कुछ लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी।
बुधवार देर रात दुकान बंद कर बाइक से घर लौटते समय मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने कथित तौर पर उनकी बाइक के सामने अपनी गाड़ी लगा दी। फेसबुक पर निषाद समाज को लेकर किए जा रहे पोस्ट को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
कहासुनी और गाली-गलौज के बाद आरोप है कि शुभम सिंह ने सुभाष सिंह, आकाश सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर विनोद साहनी पर हमला कर दिया। आरोप है कि धारदार हथियारों से भी हमला किया गया। गंभीर हालत में विनोद को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
मंत्री बोले-इतना फोर्स क्यों? उठ रहे कई सवाल
संजय निषाद के पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताने के बाद यह मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं रह गया है। अब इसे निषाद समाज की सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्री का सर्किट हाउस पहुंचना और पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाना यह संकेत दे रहा है कि सरकार के भीतर से भी इस घटना को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने भी उठाई हाई लेवल जांच की मांग
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विनोद साहनी की मौत के मामले में हाई लेवल जांच की मांग की है। अखिलेश के बयान के बाद विपक्ष ने सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला तेज कर दिया है।
अब मामला तीन स्तरों पर राजनीतिक बहस का विषय बनता दिख रहा है-हत्या की निष्पक्ष जांच, निषाद समाज की नाराजगी और सरकार की कानून-व्यवस्था पर जवाबदेही।
एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
विनोद साहनी की मौत के बाद निषाद समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। कुछ लोग एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं तो कुछ बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इस मामले में ऐसी कार्रवाई करेगी जिससे पीड़ित परिवार और निषाद समाज को भरोसा मिल सके?
गोंडा का यह हत्याकांड अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ विपक्ष हाई लेवल जांच की मांग कर रहा है, दूसरी तरफ सरकार के मंत्री संजय निषाद खुद पुलिस की कार्रवाई और भारी फोर्स की तैनाती पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला यूपी की सियासत में और गरमाने के आसार हैं।


