चंपत राय की जगह लेंगे ये दिग्गज...रेस में सबसे आगे नाम! ट्रस्ट के 3 खाली पदों पर भी आज लगेगी मुहर

Ram Mandir Trust Meeting Update: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय के उत्तराधिकारी के नाम पर बड़ा फैसला हो सकता है। महासचिव पद के लिए बीएल बागड़ा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। साथ ही ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों और पहली बार CEO नियुक्ति पर भी मुहर लग सकती है।

Harsh Srivastava
Published on: 22 July 2026 10:22 AM IST
चंपत राय की जगह लेंगे ये दिग्गज...रेस में सबसे आगे नाम! ट्रस्ट के 3 खाली पदों पर भी आज लगेगी मुहर
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Ram Mandir Trust Meeting Update: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। दान में हेराफेरी के आरोपों और भारी विवाद के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे से खाली हुए पद पर अब नए चेहरे की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बागड़ा का नाम महासचिव पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। आज अयोध्या में होने जा रही ट्रस्ट की इस महाबैठक पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

क्या हैं आज ट्रस्ट की बैठक का एजेंडा

बुधवार को राम मंदिर परिसर और उसके बाद प्रसिद्ध मणिराम छावनी में ट्रस्ट की एक बेहद अहम और नियमित बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कई बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जाने की उम्मीद है। मुख्य एजेंडे में नए महासचिव की स्थायी नियुक्ति, ट्रस्टियों के 3 रिक्त पड़े पदों को भरना और मंदिर प्रशासन के लिए इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंदिर में दान के पैसों की गिनती की नई पारदर्शी प्रणाली और संपूर्ण सुरक्षा ढांचे की कड़क समीक्षा की जाएगी।

चंपत राय के इस्तीफे के बाद VHP का पलड़ा भारी

चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं, ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के दुखद निधन के कारण तीसरा पद खाली हुआ था। वर्तमान में कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के रूप में कामकाज संभाल रहे हैं। इससे पहले 6 जुलाई की बैठक में बीएल बागड़ा और बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दानोदिया का नाम सामने आया था, लेकिन अंदरूनी मतभेदों के चलते तब सहमति नहीं बन पाई थी। हालांकि, इस बार बीएल बागड़ा का नाम पूरी तरह तय माना जा रहा है।

अयोध्या राजपरिवार और इन दिग्गज संतों के नामों की तेज हुई चर्चा

ट्रस्ट में रिक्त हुए अन्य पदों के लिए अयोध्या के कई प्रमुख संतों और गणमान्य हस्तियों के नामों पर मंथन जारी है:

अयोध्या राजपरिवार: दिवंगत बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के पुत्र और जाने-माने साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र का नाम प्रमुखता से चल रहा है।

प्रमुख संत व पीठाधीश्वर: हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास, श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास, रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरणदास, डॉ. रामानंददास और जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर के नाम भी दावेदारों की सूची में शामिल हैं।

SIT जांच और SC का सख्त रुख

जून के महीने में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी (SIT) बनाकर जांच शुरू की थी। इस मामले में पुलिस अब तक 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब स्थानीय पुलिस की जगह नई स्वतंत्र एसआईटी (SIT) के गठन की संभावना बढ़ गई है, जिस पर आज की बैठक में भी विस्तार से चर्चा होगी।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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