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UP Bypoll: यूपी की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव क्यों अटके? सामने आई ये बड़ी वजह
UP Bypoll: उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से फिलहाल तीन सीटें खाली हैं। इनमें मऊ जिले की घोसी, सोनभद्र जिले की दुद्धी और बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट शामिल हैं।
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UP Bypoll: उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से फिलहाल तीन सीटें खाली हैं। इनमें मऊ जिले की घोसी, सोनभद्र जिले की दुद्धी और बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट शामिल हैं। इन तीनों सीटों के विधायकों का निधन हो चुका है, जिसके बाद से ये सीटें रिक्त हैं। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में सीट खाली होने के छह महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाते हैं, लेकिन अब तक इन सीटों पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है। इसी कारण राजनीतिक गलियारों में उपचुनाव को लेकर चर्चाओं और अटकलों का दौर तेज हो गया है।
विधायकों के निधन के बाद रिक्त हुईं सीटें
घोसी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के नेता सुधाकर सिंह विधायक चुने गए थे। लेकिन वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और 20 नवंबर 2025 को उनका निधन हो गया। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। वहीं बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का इसी वर्ष 2 जनवरी को एक बैठक के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। सोनभद्र की दुद्धी सीट से समाजवादी पार्टी के विजय सिंह गोंड विधायक थे। बीमारी के इलाज के दौरान 8 जनवरी को उनका भी निधन हो गया। इन तीनों नेताओं के निधन के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व का अभाव बना हुआ है।
उपचुनाव में देरी पर उठ रहे सवाल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि किसी भी विधानसभा सीट के रिक्त होने पर आमतौर पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाता है। लेकिन घोसी सीट को खाली हुए सात महीने से अधिक समय बीत चुका है, जबकि फरीदपुर और दुद्धी सीटों पर भी छह महीने की अवधि पूरी होने वाली है। उपचुनाव की तारीखों का ऐलान न होने से राजनीतिक दलों और मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर संभावित उम्मीदवारों और चुनावी रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं।
मतदाता पुनरीक्षण को माना जा रहा एक कारण
कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षक उपचुनाव में देरी के पीछे विशेष मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को एक संभावित कारण मान रहे हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर चुका है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की वर्तमान अवधि 22 मई 2027 तक है। ऐसे में रिक्त सीटों पर उपचुनाव कब होंगे, इसको लेकर सभी की नजरें निर्वाचन आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल का संकेतक भी माना जा रहा है। यही वजह है कि चुनाव की तारीखों को लेकर सियासी हलकों में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।


