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UP News: घरेलू विवाद से राशन-पेंशन तक, हर समस्या में महिलाओं का सहारा बन रही यूपी महिला आयोग की हेल्पलाइन
UP News: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन पर घरेलू विवाद से लेकर बैंक, राशन, पेंशन, वेतन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए महिलाएं मदद मांग रही हैं।
Uttar Pradesh Women Commission (Image Credit-Social Media)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन अब केवल महिला उत्पीड़न या अधिकारों से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं रह गई है। महिलाओं में आयोग के प्रति बढ़ते भरोसे का आलम यह है कि वे जीवन की लगभग हर तरह की समस्या लेकर यहां संपर्क कर रही हैं। किसी का पति महीनों से वेतन नहीं पा रहा है, कोई बैंकिंग समस्या का समाधान जानना चाहती है, तो कोई राशन, पेंशन, सरकारी योजनाओं या आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी मांग रही है। कई महिलाएं तो जमीन संबंधी विवाद और साइबर अपराध जैसी शिकायतों के समाधान की उम्मीद भी आयोग से कर रही हैं।
महिला आयोग की हेल्पलाइन पर तैनात काउंसलरों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 15 से 20 कॉल प्राप्त होती हैं। इनमें दो से तीन कॉल ऐसी होती हैं, जिनका सीधा संबंध आयोग के अधिकार क्षेत्र से नहीं होता। इसके बावजूद हेल्पलाइन पर मौजूद काउंसलर कॉल करने वालों को निराश नहीं करते। वे संबंधित विभागों की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आवश्यक हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराकर उनकी मदद करने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि आयोग महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद मार्गदर्शन केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।
हाल ही में आगरा की एक महिला ने आयोग की हेल्पलाइन पर फोन कर बताया कि उसके पति को कंपनी कई दिनों से वेतन नहीं दे रही है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महिला ने पूछा कि क्या आयोग कंपनी से बात कर उसके पति का वेतन दिलाने में मदद कर सकता है। इसी तरह सीतापुर से एक महिला ने केंद्र सरकार की मातृ वंदना योजना की जानकारी लेने के लिए संपर्क किया, जबकि दूसरी महिला ने जमीन संबंधी विवाद के समाधान का रास्ता पूछा। इसके अलावा बैंक खातों से जुड़ी परेशानियां, साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने का तरीका, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया और अन्य कई प्रकार के सवाल भी हेल्पलाइन पर लगातार पहुंच रहे हैं।
बस्ती जिले से रामसूरत नामक व्यक्ति ने भी आयोग से संपर्क कर बताया कि उसके बच्चों को राशन नहीं मिल रहा है और परिवार कठिनाई का सामना कर रहा है। काउंसलर ने पहले राशन न मिलने का कारण जानने की सलाह दी और फिर खाद्य एवं रसद विभाग में शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया समझाई, ताकि समस्या का समाधान कराया जा सके।
इसी प्रकार 24 जुलाई को गोरखपुर की एक महिला ने हेल्पलाइन पर फोन कर बताया कि उसे विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उसके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। आयोग की काउंसलर ने उसे समाज कल्याण विभाग में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी देकर मार्गदर्शन किया।
21 जुलाई को आगरा की नर्गिस नामक महिला ने आर्थिक सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए कौन-कौन सी सरकारी सहायता योजनाएं उपलब्ध हैं और उनका लाभ कैसे लिया जा सकता है। काउंसलर ने उन्हें विभिन्न योजनाओं, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान का कहना है कि इस प्रकार की कॉल आयोग के प्रति महिलाओं के गहरे विश्वास का संकेत हैं। उनके अनुसार महिलाएं यह मानकर आयोग तक पहुंच रही हैं कि यदि उनकी समस्या सीधे आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं भी आती है, तब भी यहां से उन्हें सही दिशा, उचित सलाह और समाधान तक पहुंचने का रास्ता अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति आयोग के लिए चुनौती नहीं, बल्कि संतोष और विश्वास की बात है कि महिलाएं उसे एक ऐसे संस्थान के रूप में देख रही हैं, जहां उनकी बात गंभीरता से सुनी जाती है और उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा तभी मजबूत होता है, जब वे केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहकर नागरिकों को सही विभाग तक पहुंचाने और समाधान की दिशा बताने का कार्य भी करें। महिला आयोग की हेल्पलाइन पर आने वाली इस तरह की कॉल यह संकेत देती हैं कि महिलाएं अब किसी भी संकट की स्थिति में सबसे पहले ऐसे मंच की तलाश करती हैं, जहां उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए और उन्हें सही सलाह मिल सके।


