योगी की 'फकीरी' या अखिलेश का 'शाही' रसूख? 2027 की जंग से पहले जानें कौन ज्यादा 'धनवान', आकड़े देख फटी रह जाएंगी आंखें

Yogi Adityanath Vs Akhilesh Yadav net worth: यूपी चुनाव 2027 से पहले सबसे बड़ा सवाल योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव में कौन ज्यादा धनवान है? आधिकारिक हलफनामों के मुताबिक अखिलेश की संपत्ति ₹42 करोड़ से ज्यादा, जबकि योगी की करीब ₹1.54 करोड़ है। जानिए पूरा आंकड़ा और सियासी मायने।

Harsh Srivastava
Published on: 27 April 2026 11:06 AM IST (Updated on: 27 April 2026 11:07 AM IST)
योगी की फकीरी या अखिलेश का शाही रसूख? 2027 की जंग से पहले जानें कौन ज्यादा धनवान, आकड़े देख फटी रह जाएंगी आंखें
X

Yogi Adityanath Vs Akhilesh Yadav net worth: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मिशन 2027 की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा अपनी हैट्रिक की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (SP) बदलाव की बयार लाने का दावा कर रही है। रैलियों और बयानों के बीच अक्सर जनता के मन में यह सवाल उठता है कि प्रदेश की सत्ता के इन दो सबसे ताकतवर चेहरों में से आर्थिक रूप से कौन ज्यादा मजबूत है? 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के ताजा हलफनामों व उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से जो तस्वीर उभरती है, वह काफी दिलचस्प है।

अखिलेश यादव: करोड़ों की संपत्ति और शाही रसूख

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की गिनती देश के सबसे अमीर राजनेताओं में होती है। 2024 के लोकसभा चुनाव (कन्नौज सीट) के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की संयुक्त संपत्ति करोड़ों में है।

कुल संपत्ति: अखिलेश यादव ने अपनी कुल संपत्ति करीब 42 करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है।

चल-अचल संपत्ति: उनके पास करोड़ों की जमीन, लखनऊ और सैफई में आलीशान घर और व्यापारिक निवेश हैं। हलफनामे के अनुसार, उनके पास बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के रूप में एक बड़ी पूंजी जमा है।

कर्ज और देनदारियां: अखिलेश यादव पर करीब 1 करोड़ रुपये के आसपास की देनदारियां (कर्ज) भी हैं। उनकी आय का मुख्य स्रोत कृषि, वेतन और निवेश से मिलने वाला ब्याज है।

अखिलेश यादव का रहन-सहन और उनकी जीवनशैली हमेशा से एक 'रॉयल' राजनेता की रही है, जो उनके हलफनामे में दिखने वाली संपत्ति से भी साफ झलकती है।

योगी आदित्यनाथ: 'फकीरी' अंदाज और सीमित संसाधन

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि एक सन्यासी की है और उनकी संपत्ति का ब्योरा भी इसी 'फकीरी' की गवाही देता है। योगी आदित्यनाथ के पास न तो अपनी कोई गाड़ी है और न ही कोई आलीशान कोठी।

कुल संपत्ति: 2022 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद के रिकॉर्ड्स के अनुसार, योगी आदित्यनाथ की कुल संपत्ति करीब 1.54 करोड़ रुपये के आसपास है।

चल संपत्ति: योगी के पास संपत्ति के नाम पर डाकघर और बैंकों में जमा कुछ लाख रुपये, एक स्मार्टफोन और दो हथियार (एक रिवॉल्वर और एक राइफल) हैं। उनके पास सोने के कुंडल और रुद्राक्ष की माला है, जिसकी कीमत कुछ हजार रुपये है।

अचल संपत्ति: योगी आदित्यनाथ के नाम पर कोई निजी घर, बंगला या खेती की जमीन नहीं है। वे पूरी तरह से सरकारी आवास और मठ की व्यवस्थाओं पर निर्भर रहते हैं।

योगी आदित्यनाथ की संपत्ति पिछले कुछ वर्षों में उनके वेतन और बैंक ब्याज की वजह से मामूली रूप से बढ़ी है, लेकिन अखिलेश यादव की तुलना में उनकी संपत्ति बहुत कम है।

आमने-सामने: संपत्ति का बड़ा अंतर

अगर हम दोनों नेताओं की तुलना करें, तो आंकड़ों का अंतर बहुत बड़ा है। जहां अखिलेश यादव 42 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं योगी आदित्यनाथ के पास महज 1.5 करोड़ के करीब की संपत्ति है।


क्या संपत्ति का असर चुनाव पर पड़ता है?

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में चुनाव केवल पैसों के दम पर नहीं, बल्कि 'चेहरे' और 'मुद्दों' पर लड़े जाते हैं। 2027 के चुनाव में एक तरफ अखिलेश यादव का 'अमीरी और रसूख' वाला बैकग्राउंड है, जिसे सपा उनके प्रबंधन और विकास के अनुभव के रूप में पेश करती है। वहीं दूसरी तरफ, योगी आदित्यनाथ की 'सन्यासी' छवि और 'जीरो बैलेंस' बैंक अकाउंट उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है, जिसे भाजपा 'ईमानदारी' और 'त्याग' के प्रतीक के रूप में जनता के सामने रखती है।

अब देखना यह होगा कि 2027 की जंग में जनता अखिलेश के 'रॉयल' विजन को चुनती है या योगी की 'फकीरी' पर एक बार फिर भरोसा जताती है।

Harsh Srivastava

Harsh Srivastava

Mail ID - harshsri764@gmail.com

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

Next Story