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UP Politics: योगी मंत्रिमंडल विस्तार से खफा बृजभूषण! बेटे को जगह नहीं मिलने के बाद पहुंचे दिल्ली, क्या है मामला?
Brij Bhushan Sharan Singh angry BJP: योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद BJP में नई हलचल! बेटे प्रतीक भूषण को मंत्री पद न मिलने से क्या नाराज हैं बृजभूषण शरण सिंह? दिल्ली दौरे और सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई सियासी अटकलें।
Brij Bhushan Sharan Singh angry BJP: उत्तर प्रदेश की सियासत में रविवार का दिन 'सुपर संडे' साबित हुआ। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुल आठ मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही योगी कैबिनेट में अब मंत्रियों का कोटा पूरी तरह से फुल हो गया है। मुख्यमंत्री सहित अब मंत्रिमंडल में कुल 60 सदस्य हो चुके हैं, जो कि संवैधानिक रूप से अधिकतम सीमा है। यानी अब 'हाउस फुल' हो चुका है और किसी नए चेहरे के लिए कोई जगह बाकी नहीं बची है।
जातीय संतुलन और नए चेहरों का संगम
बीजेपी ने इस कैबिनेट विस्तार के जरिए 'सोशल इंजीनियरिंग' का एक मास्टर स्ट्रोक खेलने की कोशिश की है। शपथ लेने वाले आठ नेताओं में पांच पिछड़े वर्ग (OBC), दो दलित और एक ब्राह्मण चेहरा शामिल है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडे को सीधे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। वहीं, अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। राज्यमंत्री के रूप में कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने शपथ ली। कृष्णा पासवान इस विस्तार में इकलौती महिला चेहरा हैं, जिनके जरिए दलित महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति साफ दिख रही है।
बृजभूषण के बेटे की नहीं खुली किस्मत
इस पूरे विस्तार में जिस एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी, वह था गोंडा के बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण का। देवीपाटन मंडल में अपनी सियासी तूती बोलवाने वाले बृजभूषण के विधायक बेटे प्रतीक भूषण को इस बार मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, जब अंतिम सूची सामने आई, तो उसमें प्रतीक का नाम गायब था। दिलचस्प बात यह है कि सपा से आए मनोज पांडे (कक्का) को तो कैबिनेट मंत्री का इनाम मिला, लेकिन बीजेपी के वफादार माने जाने वाले प्रतीक भूषण की किस्मत इस बार भी नहीं खुल सकी।
बृजभूषण का तीखा तंज
बेटे को मंत्री न बनाए जाने की कसक बृजभूषण शरण सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट में साफ नजर आई। उन्होंने 'X' पर एक शायराना लेकिन बेहद तीखा पोस्ट साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। उन्होंने लिखा “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो वह टूट भी सकती है।” इस पोस्ट को सीधे तौर पर मंत्रिमंडल विस्तार और ठाकुर समुदाय की अनदेखी से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बृजभूषण अपने बेटे को कैबिनेट में जगह न मिलने से खासे नाराज हैं और उनका यह पोस्ट इसी नाराजगी का 'ट्रेलर' माना जा रहा है।
दिल्ली में बृजभूषण की मौजूदगी ने बढ़ाई सियासी धड़कनें
मंत्रिमंडल विस्तार के अगले ही दिन बृजभूषण शरण सिंह का दिल्ली में होना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। हालांकि, उनके दिल्ली दौरे का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर अपनी और अपने समर्थकों की उपेक्षा का मुद्दा उठा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोंडा और आसपास के जिलों में अपने दबदबे का हवाला देकर वे हाईकमान पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।


