योगी कैबिनेट का किसानों का बड़ा तोहफा! ग्ेहूं की एमएसपी के साथ सफाई-उतराई का भी षुल्क देगी सरकार, 37 प्रस्तावों को मंजूरी

UP Cabinet Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 37 को मंजूरी दे दी गई।

Newstrack Network
Published on: 23 March 2026 2:20 PM IST (Updated on: 23 March 2026 3:15 PM IST)
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UP Cabinet Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें से 37 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई, जबकि दो प्रस्ताव (संख्या 20 और 21) को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु प्रदेश के किसान रहे। सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति स्पष्ट की, जिससे अन्नदाताओं की आय में सीधे लाभ की संभावना बढ़ गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बैठक के बाद मीडिया को किसानों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी।

गेहूं का नया MSP और अतिरिक्त बोनस

कैबिनेट ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया। इसके अलावा किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इसका मतलब यह है कि किसानों के बैंक खातों में प्रति कुंतल अधिक राशि भेजी जाएगी। यह कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें रबी विपणन सत्र के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।

खरीद का लक्ष्य और समय सीमा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में 30 लाख टन गेहूं खरीदने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार, यह आंकड़ा 50 लाख टन तक भी पहुंच सकता है। सरकारी खरीद 30 मार्च से 15 जून तक होगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान

कैबिनेट ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। इससे ना केवल भ्रष्टाचार रोका जाएगा, बल्कि किसानों को उनके पैसे समय पर मिलेंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े फैसले

कैबिनेट ने कानपुर के घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन इकाइयों वाले पावर प्लांट के संचालन को मंजूरी दी। इस प्लांट के केंद्र और यूपी सरकार संयुक्त रूप से हिस्सेदार हैं। इसकी दो इकाइयां पहले ही चालू हैं और तीसरी जल्द शुरू होगी। साथ ही झारखंड में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित कोल ब्लॉक के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इस ब्लॉक से अनुमानित 270 मिलियन टन कोयला निकलेगा। इससे बिजली उत्पादन की लागत घटेगी और बिजली प्रति यूनिट 80 पैसे तक सस्ती होने की संभावना है।

गोरखपुर बनेगा 'सोलर सिटी'

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई है। यह परियोजना बिजली की कमी दूर करेगी और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग भी सुधारने में मदद करेगी।

नगर पालिकाओं का स्मार्टाइजेशन

प्रदेश के 17 नगर निगमों में पहले से स्मार्ट सिटी योजना लागू है, लेकिन अब सरकार ने नगर पालिकाओं को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया है। नवयुग नगर पालिका योजना के तहत 58 जिला मुख्यालय वाले शहरों को कवर किया जाएगा। इसमें 55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायत शामिल हैं। इस योजना के लिए 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगा। 1.50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 24 निकायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें बुनियादी सुविधाओं का विकास, डिजिटल मॉनिटरिंग, बेहतर जल निकासी (ड्रेनेज), प्राचीन धरोहरों का संरक्षण, वन डे गवर्नेंस सेंटर, थीम पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

निजी बिजनेस पार्क और लॉजिस्टिक हब को मंजूरी

कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सेवा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 'निजी बिजनेस पार्क विकास योजना' को मंजूरी दी है। इसके तहत निजी क्षेत्र बिजनेस पार्क विकसित करेगा, जिससे निवेशकों की लागत घटेगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही सम्भल में एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर की स्थापना को हरी झंडी दी गई। औद्योगिक गलियारे को मजबूती देने के लिए ग्रेटर नोएडा के बुढ़ाकी में, जहाँ पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक गलियारे मिलते हैं, वहां 174.12 एकड़ जमीन पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए जमीन नीलामी और टेंडर दस्तावेजों को भी मंजूरी दी गई। यह पहल ग्रेटर नोएडा को भविष्य में देश के प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करेगी। छोटे उद्योगों के लिए भी पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक शेड बनाए जाएंगे। डेवलपर को जमीन दी जाएगी, वह शेड तैयार करेगा और उसे किराए पर दिया जाएगा।

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