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योगी Vs अखिलेश: अयोध्या में कौन देगा किसको मात? CM की चुनौती पर दिया जवाब
Yogi Vs Akhilesh: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। सपा प्रमुख ने किया पलटवार। जानें 2022 के चुनाव में अयोध्या का वोट शेयर और 2027 का सियासी गणित।
Yogi Vs Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अयोध्या की सियासत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच सीधी चुनौती ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अखिलेश ने योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी तो मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश खुद अयोध्या से नामांकन करें, वह भी मैदान में उतरेंगे। इसके बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब देते हुए भाजपा पर अहंकार, चंदा और दान से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अब बड़ा सवाल है कि क्या 2027 में अयोध्या सीट पर योगी बनाम अखिलेश का मुकाबला होगा या यह लड़ाई एक-दूसरे पर राजनीतिक दबाव बनाने तक सीमित रहेगी?
योगी की चुनौती- अखिलेश आएं, आमने-सामने की लड़ाई हो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये की लागत वाली 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहे हैं, इसलिए उन्हें खुद वहां से नामांकन करना चाहिए।
योगी ने कहा, "हम अखिलेश की चुनौती स्वीकार करते हैं, बशर्ते वह खुद अयोध्या से अपना नामांकन करें। लड़ाई आमने-सामने होगी, चेलों से नहीं।" मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा कि वह बौखला गए हैं। उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच बढ़ती सियासी तल्खी के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव का पलटवार- जनता घमंड का पानी उतार देगी
योगी आदित्यनाथ के बयान के कुछ समय बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा, "पवन का झोंका आएगा, अहंकार सब उड़ जाएगा।" सपा प्रमुख ने अयोध्या में भाजपा को हराने के लिए अपने एक युवा 'पीडीए प्रहरी' को पर्याप्त बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
अखिलेश ने चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता इस बार भाजपा का घमंड तोड़ देगी। उन्होंने अयोध्या के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव के नतीजों की याद दिलाई और दावा किया कि भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी वहां पार्टी के लिए उम्मीदवार की तलाश मुश्किल होने की बात सामने आई है।
अखिलेश ने एक अन्य पोस्ट में अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय का वीडियो साझा करते हुए भाजपा पर हमला जारी रखा। हालांकि, उनके इस जवाब में खुद अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई।
अयोध्या विधानसभा सीट का 2022 का गणित क्या कहता है?
अयोध्या विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी, लेकिन समाजवादी पार्टी ने भी मजबूत चुनौती पेश की थी। दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर करीब 20 हजार रहा। ऐसे में अगर 2027 में दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सीधा मुकाबला होता है, तो यह सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।
अयोध्या विधानसभा चुनाव 2022: पार्टीवार वोट और वोट शेयर
पार्टी/उम्मीदवार मिले वोट वोट शेयर
भाजपा — वेद प्रकाश गुप्ता 1,13,414 49.04%
सपा — तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) 93,424 40.40%
बसपा — रवि प्रकाश 17,706 7.66%
कांग्रेस — रीता 2,011 0.87%
सीपीआई — सूर्यकांत पांडेय 995 0.43%
NOTA 1,240 0.54%स्रोत: 2022 के अयोध्या विधानसभा चुनाव के प्रकाशित परिणाम। वोट शेयर संबंधित चुनावी आंकड़ों के आधार पर है।
भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता ने सपा के पवन पांडेय को 19,990 वोटों से हराया था। भाजपा को करीब 49 प्रतिशत, जबकि सपा को 40.40 प्रतिशत वोट मिले थे। बसपा तीसरे स्थान पर रही थी और उसे 7.66 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे।
ये आंकड़े बताते हैं कि 2022 में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिली थी, लेकिन सपा भी मुकाबले में मजबूत स्थिति में थी। हालांकि, किसी विधानसभा क्षेत्र के पुराने नतीजों के आधार पर 2027 के परिणाम का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उम्मीदवार, गठबंधन, स्थानीय मुद्दे और चुनावी परिस्थितियां नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं।
2024 लोकसभा चुनाव में भी अयोध्या में पलटी थी बाजी
अयोध्या की सियासत को समझने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव का नतीजा भी अहम है। फैजाबाद लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। राम मंदिर निर्माण के बाद इस सीट पर भाजपा की हार ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा था।
फैजाबाद लोकसभा चुनाव 2024: नतीजे
अवधेश प्रसाद — सपा
5,54,289 वोट
वोट शेयर: 48.6%
लल्लू सिंह — भाजपा
4,99,722 वोट
वोट शेयर: 43.8%
जीत का अंतर: 54,567 वोट।
हालांकि, लोकसभा और विधानसभा चुनाव के क्षेत्र अलग-अलग होते हैं। फैजाबाद लोकसभा सीट के नतीजे को अयोध्या विधानसभा सीट का सीधा परिणाम नहीं माना जा सकता। फिर भी 2024 की जीत ने सपा को इस क्षेत्र में राजनीतिक बढ़त का दावा करने का आधार दिया।
ताजा अपडेट: भाजपा ने भी अखिलेश पर बढ़ाया दबाव
योगी की चुनौती के बाद भाजपा नेताओं ने भी अखिलेश यादव को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ने चुनौती स्वीकार कर ली है, तो अखिलेश खुद अयोध्या से चुनाव लड़ने का ऐलान क्यों नहीं करते। उन्होंने सपा प्रमुख से अपनी चुनौती पर कायम रहने को कहा।
एक अहम तथ्य यह भी है कि हिंदुस्तान टाइम्स की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा अयोध्या विधानसभा सीट से तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। ऐसे में अखिलेश के खुद मैदान में उतरने की स्थिति में पार्टी को अपनी रणनीति और उम्मीदवार को लेकर फैसला करना पड़ सकता है।
क्या 2027 में योगी Vs अखिलेश की सीधी लड़ाई होगी?
फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तेज है, लेकिन इसे दोनों नेताओं के बीच पक्की चुनावी भिड़ंत नहीं माना जा सकता। योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश के अयोध्या आने पर खुद भी नामांकन करने की बात कही है, जबकि अखिलेश ने जवाब में अपने युवा पीडीए उम्मीदवार के दम पर भाजपा को हराने का दावा किया है।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सफलता और अब दोनों नेताओं की सीधी चुनौती ने अयोध्या को 2027 के चुनाव से पहले अहम राजनीतिक केंद्र बना दिया है। अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा और चुनावी रणनीति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।


