अंकिता भंडारी प्रकरण : न्याय के लिए हर स्तर पर मजबूती से खड़ी रही धामी सरकार

Uttarakhand News: अंकिता भंडारी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा के बाद धामी सरकार ने एसआईटी जांच, चार्जशीट, अभियोजन और पीड़ित परिवार को दी गई सहायता का ब्योरा साझा किया।

Newstrack Network
Published on: 14 Oct 2026 9:00 PM IST (Updated on: 14 Oct 2026 10:04 PM IST)
अंकिता भंडारी प्रकरण : न्याय के लिए हर स्तर पर मजबूती से खड़ी रही धामी सरकार
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Uttarakhand News: अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण में पहले दिन से लेकर न्यायालय के अंतिम फैसले तक अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी गंभीरता और मजबूती से कार्य किया।

घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा गया और मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।

मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी से दोषियों को उम्रकैद

जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा लगातार मजबूती से पैरवी की गई, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां बार-बार खारिज हुईं और वे मुकदमे के दौरान सलाखों के पीछे रहे। मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप अंततः अंकिता के कातिलों को उम्रकैद की सजा मिली।

प्रदेश सरकार ने पूरी प्रक्रिया के दौरान अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिजनों की मांग के अनुरूप तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले गए। इतना ही नहीं, अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।

परिवार को सहायता, न्याय के लिए सरकार प्रतिबद्ध

सरकार ने परिवार को संबल प्रदान करने के लिए ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके साथ ही दिवंगत अंकिता के भाई और उनके पिता को सरकारी नौकरी प्रदान कर परिवार के साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता को भी पूरा किया।

इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख पहले दिन से स्पष्ट रहा कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे तक पहुंचाकर कठोरतम सजा दिलाई जाएगी। जांच को लेकर उठाए गए सवालों के बीच न्यायिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया को संतोषजनक माना गया और मजबूत अभियोजन के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा तक पहुंचाया गया।

VIP के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप, सरकार ने गिनाईं कार्रवाई

वहीं तथाकथित ‘VIP’ के नाम पर कांग्रेस और आशुतोष नेगी जैसे लोगों द्वारा लगातार सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। यदि इस संबंध में किसी के पास कोई ठोस तथ्य अथवा साक्ष्य था, तो उसे जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष रखा जाना चाहिए था। अदालत के बाहर राजनीतिक लाभ के लिए आरोप लगाना और जनता को भ्रमित करना न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि बेटी अंकिता से जुड़े अत्यंत संवेदनशील प्रकरण का राजनीतिक इस्तेमाल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि बेटी अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्वरित गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, मजबूत चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपियों को जमानत न मिलने देना, परिवार की मांग के अनुसार अभियोजन व्यवस्था में बदलाव, आर्थिक सहायता और रोजगार से लेकर माता-पिता की मांग पर सीबीआई जांच के आदेश तक—सरकार ने हर स्तर पर संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ निर्णय लिए।

अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में धामी सरकार केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कार्रवाई, मजबूत पैरवी और निर्णायक परिणाम के साथ परिवार के साथ खड़ी रही।

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