Badrinath Temple Controversy: बद्रीनाथ मंदिर में CCTV बदलते ही मचा बवाल, दान में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच उठे सवाल

Badrinath Temple Controversy: जानिए दान में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच बद्रीनाथ मंदिर में CCTV बदलने पर क्यों मचा विवाद

Jyotsana Singh
Published on: 6 July 2026 2:30 PM IST (Updated on: 6 July 2026 3:07 PM IST)
Badrinath Temple CCTV Controversy
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Badrinath Temple CCTV Controversy 2026

Badrinath Temple CCTV Controversy: खबरों की सुर्खियों में चल रहे अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के विवाद के बीच अब बद्रीनाथ धाम में भी इसी तरह का मामलास तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में 1 जुलाई को मंदिर परिसर के सभी CCTV कैमरे बदले जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया, जब मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच शुरू हो चुकी है। कैमरे बदलने की टाइमिंग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसपर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का कहना है कि यह पूरी तरह नियमित प्रक्रिया थी और पुराने कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई है। वहीं शिकायत करने वाले संगठन ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दान में कथित अनियमितताओं के बीच कैमरे बदलने से बढ़ी चर्चा

बद्रीनाथ धाम में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान व चढ़ावा अर्पित करते हैं। हाल ही में मंदिर में आए दान के कथित दुरुपयोग को लेकर कुछ आरोप सामने आए, जिसके बाद समिति ने जांच शुरू कराई।

इसी बीच 1 जुलाई को मंदिर परिसर में लगे सभी 32 CCTV कैमरों को बदल दिया गया। कैमरे बदलने की यह कार्रवाई सामने आते ही सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों ने सवाल उठाए कि जांच के दौरान निगरानी व्यवस्था में बदलाव क्यों किया गया।

BKTC का दावा- कैमरे बदलना नियमित प्रक्रिया, रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगद ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि कैमरे बदलने का निर्णय किसी जांच से जुड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर को उच्च-रिजॉल्यूशन वाले नए CCTV कैमरे दान में मिले थे। बेहतर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के लिए पुराने कैमरों की जगह नए कैमरे लगाए गए हैं।

CEO के अनुसार, पहले लगे कैमरों की सभी रिकॉर्डिंग डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) में सुरक्षित हैं। जांच एजेंसियां जरूरत पड़ने पर इन रिकॉर्डिंग का उपयोग कर सकेंगी। इसलिए सबूतों के नष्ट होने जैसी आशंका निराधार है।

दान संबंधी आरोपों की जांच के दिए गए हैं आदेश

मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि दान और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष तथा तथ्य आधारित जांच कराई जाएगी। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

समिति का कहना है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को मंदिर संबंधी जिम्मेदारियों से भी अलग कर दिया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

भैरव सेना ने लगाए गंभीर आरोप, FIR की भी उठाई मांग

इस पूरे मामले की शुरुआत भैरव सेना नामक धार्मिक संगठन की शिकायत से हुई। संगठन ने BKTC के CEO को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि समिति अध्यक्ष के निजी सहायक की भूमिका कथित अनियमितताओं में सामने आई है। संगठन ने मांग की कि संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजकर FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही पूरे मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की भी मांग रखी गई। अब तक जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बद्रीनाथ धाम में दान व्यवस्था कैसे होती है?

बद्रीनाथ मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थस्थलों में शामिल है। यहां श्रद्धालु नकद दान के अलावा सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी चढ़ाते हैं। मंदिर में प्राप्त दान का उपयोग धार्मिक गतिविधियों, मंदिर के रखरखाव, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है। यही वजह है कि दान के संग्रह और उसके प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

CCTV निगरानी क्यों मानी जाती है अहम?

देश के बड़े धार्मिक स्थलों में सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए CCTV निगरानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दान पेटियों की निगरानी, नकदी की गिनती और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा में कैमरों की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जाती है। ऐसे में किसी भी जांच के दौरान CCTV फुटेज की उपलब्धता और उसकी सुरक्षा बेहद अहम होती है। इसी कारण बद्रीनाथ धाम में कैमरे बदलने के समय को लेकर सवाल उठे, हालांकि मंदिर समिति का कहना है कि पुरानी रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है और जांच में उसका उपयोग किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी तस्वीर

अब यह मामला जांच के चरण में है। मंदिर समिति ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। जबकि शिकायतकर्ता संगठन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब सभी को जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। जिससे यह स्पष्ट होगा कि दान में कथित अनियमितताओं के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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