TRENDING TAGS :
Uttarakhand News: चमोली में तमकनाला का बेली ब्रिज बहा, CM धामी ने लिया संज्ञान; निचले इलाकों में अलर्ट
Uttarakhand News: चमोली के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में तेज जलप्रवाह से बेली ब्रिज बह गया। CM पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेकर राहत-बचाव और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए।
Uttarakhand News (Image Credit-Social Media)
Uttarakhand News: देहरादून। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में तेज जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के मुताबिक, तमकनाला में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा की ओर से बनाया गया बेली ब्रिज अचानक बढ़े जलप्रवाह की चपेट में आकर पूरी तरह बह गया। घटना के संबंध में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के भी बहने की सूचना मिली है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना
घटना की सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मलारी की ओर आवाजाही पूरी तरह बंद
सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है। मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस रास्ते से यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नदी-नालों और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की भी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे निगरानी कर रहा SEOC
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार राहत और बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है। लगातार बदल रहे मौसम और अचानक बढ़ने वाले जलप्रवाह को देखते हुए निचले इलाकों तथा नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में मौसम की स्थिति को देखते हुए किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और प्रभावित मार्गों के आसपास अनावश्यक आवाजाही न करें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।


