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Uttarakhand News: त्योहारों से पहले धामी सरकार का बड़ा एक्शन, मिलावट-जमाखोरी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
Uttarakhand News: उत्तराखंड में त्योहारों से पहले मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। CM धामी के निर्देश पर सभी जिलों में जांच, सैंपलिंग और कार्रवाई की जा रही है।
Uttarakhand News (Image Credit-Social Media)
देहरादून, 24 अगस्त। त्योहारों के सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है।
सोमवार को प्रदेशभर में जिला प्रशासन और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और एक्सपायरी या खराब सामग्री मिलने पर उसे नष्ट कराया गया। कई दुकानदारों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नोटिस भी जारी किए गए।
अभियान के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पैकेजिंग के साथ-साथ चीनी की जमाखोरी तथा घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
चमोली में एक्सपायरी सामान मिलने पर नोटिस
चमोली जिले में जांच टीम ने तीन खाद्य नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा। एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया और संबंधित सामान को नष्ट कराया गया।
जांच में दो कंपनियों की खाद्य सामग्री की लेबलिंग और पैकेजिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। संबंधित निर्माताओं को भी नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण
रुद्रप्रयाग जिले में टीम ने 12 दुकानों का निरीक्षण किया और छह खाद्य नमूने जांच के लिए लिए। छह दुकानों पर एक्सपायरी डेट का सामान मिला, जिसे नष्ट कराया गया और दुकानदारों को चेतावनी दी गई।
अल्मोड़ा में दो मिठाइयों के नमूने लिए गए, जबकि बागेश्वर में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ में भी दो खाद्य नमूने लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
चंपावत में जांच अभियान पहले से जारी है। एक अगस्त से अब तक जिले में 21 स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें 10 स्थानों से नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है, जबकि सर्वे के लिए तीन अन्य नमूने लिए गए हैं।
देहरादून में 70 प्रतिष्ठानों की जांच
देहरादून में सोमवार को जिला प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए और तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्था में सुधार के लिए चेतावनी दी गई।
जिले में एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 48 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि सर्वे के लिए 20 नमूने अलग से एकत्र किए गए हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा एडीएम कोर्ट में चार वाद भी दर्ज कराए गए हैं।
हरिद्वार में 47 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
हरिद्वार जिले में 17 अगस्त से जांच अभियान चल रहा है। अब तक 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 खाद्य नमूने लिए गए हैं। दस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं और विभिन्न न्यायालयों में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।
पौड़ी और नैनीताल में भी कार्रवाई
पौड़ी जिले में सोमवार को 10 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें से छह को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। धारा 36 के तहत एक वाद भी स्वीकृत किया गया है।
नैनीताल में 10 दुकानों का निरीक्षण कर छह नमूने जांच के लिए भेजे गए। एक नमूना सर्वे के लिए लिया गया। एक प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया। वहीं, मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई 10 किलो मिठाई को नष्ट कराया गया।
टिहरी और उत्तरकाशी में भी सैंपलिंग
टिहरी जिले में सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह खाद्य नमूने लिए गए। उत्तरकाशी में सोमवार को 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार नमूने लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने के एक मामले में नोटिस जारी किया गया।
चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल पर भी नजर
सरकार के निर्देश पर जांच अभियान केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है। टीमों को चीनी की जमाखोरी की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान मिलावट, जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिलों में एक सप्ताह तक चलने वाले अभियान के दौरान जांच और कार्रवाई को और तेज किए जाने की संभावना है।


