Uttarakhand News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून की बड़ी छलांग! 41वें से 12वें स्थान पर पहुंचा देहरादून

Uttarakhand News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वां स्थान हासिल किया। 2024 में शहर 41वें और 2025 में 19वें स्थान पर था।

Newstrack Network
Published on: 7 Sept 2026 9:59 PM IST (Updated on: 7 Sept 2026 10:00 PM IST)
Swachh Vayu Survey 2026
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Swachh Vayu Survey 2026 (Image Credit-Social Media)

देहरादून, 7 सितंबर। स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून देशभर में 12वें स्थान पर रहा।

देहरादून की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर ने पिछले तीन वर्षों में लगातार अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था, जो 2025 में सुधरकर 19वें स्थान पर पहुंचा और अब 2026 में राजधानी ने 12वां स्थान हासिल किया है।

यह सुधार केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर निगरानी, सड़क सफाई, स्वच्छ परिवहन, जनजागरूकता और पर्यावरणीय निगरानी के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाता है।

धूल नियंत्रण से लेकर सड़क सफाई तक उठाए कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु को जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक उपायों पर जोर दिया है। देहरादून नगर निगम और संबंधित विभागों ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए कई स्तरों पर काम किया।

शहर के संवेदनशील और सघन क्षेत्रों में धूल तथा प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से जल छिड़काव किया गया। इसके अलावा प्रमुख मार्गों और सड़क किनारे जमा धूल को कम करने के लिए यांत्रिक सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के नियमित संचालन पर भी जोर दिया गया।

खुले में कूड़ा जलाने के खिलाफ जागरूकता

वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में खुले में कूड़ा और पराली जलाना भी शामिल है। इसे देखते हुए देहरादून में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए। नागरिकों को खुले में कचरा जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में जागरूक किया गया।

सरकार और स्थानीय निकायों ने लोगों से स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। प्रशासनिक प्रयासों के साथ जनभागीदारी को जोड़ने से स्वच्छ वायु अभियान को मजबूती मिली।

वाहनों के प्रदूषण पर भी निगरानी

शहर में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र यानी पीयूसी की नियमित और सघन जांच की गई। निर्धारित मानकों से अधिक उत्सर्जन करने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाई गई।

इसके साथ ही स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम किया गया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करना है।

लगातार मॉनिटरिंग से बेहतर हुई व्यवस्था

वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अलग-अलग विभागों और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों के साथ लगातार मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। वायु गुणवत्ता से संबंधित आंकड़ों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

निरंतर निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिली है। सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा प्रदूषण स्तर को कम करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी और बेहतर पर्यावरण तैयार करना है।

जनभागीदारी को मिली अहम भूमिका

देहरादून की उपलब्धि में नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, संबंधित विभागों, सफाई एवं पर्यावरण कर्मियों के साथ आम नागरिकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, खुले में कचरा नहीं जलाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों की जागरूकता ने सरकारी प्रयासों को व्यापक आधार दिया है।

राज्य सरकार का जोर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करने पर है। देहरादून की रैंकिंग में सुधार को इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।

ऋषिकेश और काशीपुर में भी सुधार

देहरादून के साथ उत्तराखंड के अन्य शहरों ने भी वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रदर्शन किया है। ऋषिकेश और काशीपुर में भी पिछले वर्षों की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजनाएं लागू की जाएं और स्वच्छ वायु अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए।

सीएम धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून के प्रदर्शन पर देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून की रैंकिंग में सुधार पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने इसे जागरूक जनता की भागीदारी, नगर निगम के प्रयासों और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सतत निगरानी का सम्मिलित परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से संबंधित है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वच्छ वायु के लिए सामूहिक प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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