Uttarakhand Cabinet Meeting: गैस सस्ती, पेंशन दोगुनी...! धामी कैबिनेट के फैसलों से बदलेगी तस्वीर

Uttarakhand Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। CNG-PNG सस्ती, किसानों को राहत, लोक कलाकारों की पेंशन दोगुनी और स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा संबल मिला है।

Gausiya Bano
Published on: 24 Dec 2025 2:07 PM IST
Uttarakhand Cabinet Meeting: गैस सस्ती, पेंशन दोगुनी...! धामी कैबिनेट के फैसलों से बदलेगी तस्वीर
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Uttarakhand Cabinet Meeting: देहरादून में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक ने उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन में नई हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका असर सीधे आम आदमी की जेब, किसानों की फसल, कलाकारों की जिंदगी और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला है। कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी देकर सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में विकास और राहत दोनों पर एकसाथ फोकस रहेगा।

सस्ती गैस से मिलेगी आम जनता को राहत

राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। नेचुरल गैस यानी सीएनजी और पीएनजी पर लगने वाला वैट अब 20 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे एक तरफ जहां आम उपभोक्ताओं को सस्ती गैस मिलेगी, वहीं दूसरी ओर उद्योगों की लागत भी कम होगी। सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।

आपदा से जूझ रहे किसानों को सहारा

धराली आपदा से प्रभावित सेब उत्पादकों के लिए कैबिनेट ने राहत भरा फैसला किया है। अब सरकार रॉयल डिलिशियस किस्म के सेब किसानों से 51 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी। इससे आपदा से नुकसान झेल रहे किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

लोक कलाकारों की पेंशन में बड़ा इजाफा

संस्कृति विभाग के तहत लोक कलाकारों के लिए भी खुशखबरी आई है। उनकी मासिक पेंशन को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया है। लंबे समय से इस मांग को लेकर आवाज उठ रही थी। सरकार के इस फैसले से लोक संस्कृति को संजोने वाले कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

भवन निर्माण की प्रक्रिया होगी आसान

अब घर या भवन बनाने वालों को राहत मिलने वाली है। लो-रिस्क श्रेणी की इमारतों के नक्शे अब प्राधिकरण के बजाय पैनल में शामिल आर्किटेक्ट के स्तर पर ही पास हो सकेंगे। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और निर्माण प्रक्रिया तेज होगी।

उद्योग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

औद्योगिक इकाइयों के लिए बायलॉज में संशोधन कर ग्राउंड कवरेज बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इससे पर्यटन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

भर्तियों और पेंशन से जुड़े अहम बदलाव

सरकारी विभागों में अब उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग या ओपन मार्केट के माध्यम से भर्तियां की जाएंगी। इसके साथ ही सिंचाई और लोक निर्माण विभाग में वर्क चार्ज के रूप में किए गए कार्यकाल को पेंशन में शामिल करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर खास फोकस

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले भी कैबिनेट में लिए गए। अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना में मरीजों को अब 100 प्रतिशत लाभ मिलेगा। 125 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवा आयु 62 वर्ष कर दी गई है। दुर्गम क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा।

विकास की नई दिशा

कैबिनेट के ये फैसले साफ तौर पर दिखाते हैं कि सरकार विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है। आम जनता से लेकर किसानों, कलाकारों और डॉक्टरों तक, हर वर्ग को साधने की कोशिश इन फैसलों में नजर आती है।

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Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

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